केरल के हिंदी कवि डॉ. आनंदकृष्णन एडचेरी को “अंबेडकर कीर्ति सम्मान”

रोहिणी (नागौर) — केरल के वरिष्ठ हिंदी कवि, अनुवादक और शिक्षक डॉ. आनंदकृष्णन एडचेरी को वर्ष 2026 के “अंबेडकर कीर्ति सम्मान” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान नागौर जिले के रोहिणी ग्राम में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के भव्य कार्यक्रम में प्रदान किया गया, जो डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था।
यह आयोजन अखिल भारतीय कबीर मठ, सदगुरु कबीर आश्रम सेवा संस्थान बड़ी खाटू और डॉ. अंबेडकर प्रतिमा अनावरण सेवा समिति रोहिणी के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान बाबा साहब की प्रतिमा का अनावरण भी किया गया।
डॉ. एडचेरी को शैक्षिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक योगदान और हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार में उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। उन्हें सम्मान पत्र, “भारत का संविधान” की प्रति और उपरणा भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में विधायक हरेन्द्र मिर्धा, पूर्व मंत्री डॉ. मंजू मेघवाल, महंत डॉ. नानक दास, भामाशाह प्रेम रतन शर्मा और पद्मश्री हिम्मताराम भांभू सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन आकाशवाणी नागौर के उद्घोषक शरीफ छिपा ने किया।
डॉ. आनंदकृष्णन एडचेरी मुन्नाड़ के राजकीय माध्यमिक विद्यालय में सेवा निवृत्त अध्यापक रहे हैं और वर्तमान में केरल की “सपर्या सांस्कृतिक समिति” के राज्यस्तरीय कार्यकारी अध्यक्ष तथा “भारतीय कला साहित्यिक सभा” के कासरगोड़ जिला संयोजक के रूप में सक्रिय हैं।
उनकी प्रमुख कृतियों में परग्रही, तिरिच्चरिवु, महात्मा गांधी, हृदय की पुकार, आवाज़ दिल की और बदलते समाज शामिल हैं।
इस सम्मान पर देशभर के साहित्यकारों और बुद्धिजीवियों ने खुशी जाहिर की। बिहार के साहित्यकार डॉ. अभिषेक कुमार, दिल्ली की पत्रकार एवं कवयित्री प्रतिमा पाठक, हैदराबाद की लेखिका एकता गुप्ता, कवि डॉ. नीरज कुमार और उत्तराखंड के साहित्यकार पंकज साहिल सहित कई लोगों ने बधाई दी।
यह सम्मान डॉ. एडचेरी के साहित्यिक योगदान और हिंदी भाषा के प्रति उनके समर्पण का महत्वपूर्ण सम्मान माना जा रहा है।




