*सस्पेंड होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री बघेल से मुलाकात करने पहुंचे जनपद पंचायत सीईओ, कहा – भाजपा नेता और उनकी पत्नी के खिलाफ वसूली के मामले लंबित*
छत्तीसगढ़ उजाला

दुर्ग-भिलाई (छत्तीसगढ़ उजाला)। दुर्ग जनपद पंचायत के सीईओ रूपेश कुमार पांडेय के सस्पेंड होने के बाद सोमवार को वह पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात करने पहुंचे, जिसे लेकर भाजपा ने सवाल उठाए हैं। हालांकि रूपेश पांडेय ने इसे सामान्य भेंट बताया है।
रूपेश पांडेय ने कहा कि मुझे पहले से ही टारगेट किया जा रहा था। उन्होंने संभाग आयुक्त की ओर से की गई निलंबन की कार्रवाई को एकपक्षीय बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि वह अपने सस्पेंशन के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे।
इधर, इस मुलाकात को लेकर भाजपा प्रवक्ता अमित चिमनानी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर निलंबित सीईओ और पूर्व मुख्यमंत्री के वीडियो को शेयर करते हुए लिखा कि रूपेश पांडेय निष्पक्ष नहीं थे।
इस मुलाकात से उन्होंने खुद साबित कर दिया है। अमित चिमनानी ने कहा कि हर अधिकारी को निष्पक्ष रहकर काम करना चाहिए। किसी विचारधारा से जुड़ा होना गलत नहीं है, लेकिन उसका असर कामकाज पर पड़ना उचित नहीं है। बता दें कि इस पूरे मामले में आचरण संबंधी गड़बड़ी पाए जाने पर रूपेश कुमार पांडेय को सस्पेंड किया गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात को लेकर निलंबित सीईओ रूपेश पांडेय ने कहा कि वे पहले पाटन जनपद पंचायत में सीईओ के पद पर पदस्थ रह चुके हैं, जिसके चलते उनका भूपेश बघेल से पूर्व परिचय और संपर्क रहा है।
उन्होंने बताया कि भूपेश बघेल दुर्ग आए हुए थे, इसलिए उन्होंने उनसे केवल मुलाकात की थी। रूपेश पांडेय ने स्पष्ट किया कि इस भेंट का किसी भी राजनीतिक घटनाक्रम या एक्टिविटी से कोई संबंध नहीं है।
पहले मुख्य सचिव के पास करेंगे अपील, फिर हाईकोर्ट जाएंगे
रूपेश पांडेय ने कहा कि उन्हें पहले से ही निशाना बनाया जा रहा था। उन्होंने बताया कि उन्होंने केवल इतना कहा था कि ‘तमीज से बात करिए’, जिसके बाद जो कुछ हुआ वह एक्शन का री-एक्शन है। उनका कहना है कि मैंने अपमानजनक तरीके से बात नहीं की।
सस्पेंशन पर पांडेय ने आरोप लगाया कि संभागायुक्त ने एकपक्षीय एक्शन लिया है। उनके मुताबिक उन्होंने अपना पक्ष और जवाब पेश किया था, लेकिन उसे संतोषजनक नहीं माना गया। अब वे इस मामले में पहले मुख्य सचिव के समक्ष अपील करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर हाई कोर्ट का रुख करेंगे।
बीजेपी नेता और उनकी पत्नी के खिलाफ वसूली के मामले लंबित – सीईओ
रूपेश पांडेय ने बताया कि अंडा-निकुम मंडल के बीजेपी महामंत्री पुराण देशमुख की पत्नी 2015 से 2020 तक सरपंच थीं। उनके खिलाफ 2 लाख 40 हजार 105 रुपए की वसूली का मामला लंबित है। वहीं, खुद पुराण देशमुख के खिलाफ भी 75 हजार रुपए की वसूली का केस चल रहा है।
जिस भवन को लेकर विवाद खड़ा किया गया, उसका स्टे जनवरी में हटा
रूपेश पांडेय ने कहा कि बीजेपी नेता पुराण देशमुख सामुदायिक भवन की राशि को विवाद का कारण बता रहे हैं, जबकि उस मामले में किसी प्रकार का स्टे प्रभावी नहीं था।
उन्होंने बताया कि नायब तहसीलदार की कोर्ट ने जनवरी 2025 में ही स्टे हटा दिया था। इसके बाद भवन निर्माण कार्य पूरा हुआ और नियमानुसार राशि जारी की गई।
पांडेय का आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर उनके खिलाफ माहौल बनाया गया। उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को भी अधूरा बताया। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर केवल 7 सेकेंड का वीडियो जारी किया गया, जबकि पूरी रिकॉर्डिंग करीब 55 सेकेंड की है।
वीडियो में सिर्फ उनकी प्रतिक्रिया दिखाई गई है, जबकि उससे पहले दूसरी ओर से लगातार अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया था।
जानिए पूरा मामला
सुशासन तिहार के तहत दुर्ग के थनौद में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया था। शिविर के दौरान सामुदायिक भवन के लिए राशि जारी करने को लेकर बीजेपी नेता पुराण देशमुख ने आपत्ति जताई थी।
इसी बात को लेकर उनकी और जनपद पंचायत के सीईओ रूपेश पांडेय के बीच बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते तीखी नोकझोंक में बदल गई। वायरल वीडियो में रूपेश पांडेय को ‘जो करना है कर लो’ कहते हुए भी सुना गया था।
वीडियो सामने आने के बाद संभागायुक्त ने उन्हें निलंबित कर दिया। साथ ही जनपद पंचायत दुर्ग के सीईओ का अतिरिक्त प्रभार जिला पंचायत में पदस्थ प्रभारी सहायक परियोजना अधिकारी महेंद्र कुमार जांगड़े को सौंप दिया गया है।




