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आय से अधिक संपत्ति मामला: सौम्या चौरसिया पर आरोप तय, 47 करोड़ की कथित अवैध कमाई के बीच हाई-प्रोफाइल ट्रायल शुरू

रायपुर(छत्तीसगढ़ उजाला)-छत्तीसगढ़ की पूर्व सरकार में मुख्यमंत्री की उप सचिव रहीं सौम्या चौरसिया की कानूनी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। रायपुर की विशेष अदालत ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में उनके खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। इसके साथ ही अब मामले में नियमित सुनवाई का रास्ता साफ हो गया है।

यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है। जांच एजेंसी द्वारा अदालत में पेश चार्जशीट में आरोप लगाया गया है कि सौम्या चौरसिया ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपनी ज्ञात वैध आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की। अदालत द्वारा आरोप तय किए जाने के बाद अब ट्रायल की प्रक्रिया तेज हो जाएगी।

जांच के अनुसार 22 दिसंबर 2018 से 15 दिसंबर 2022 के बीच लगभग 1454 दिनों की अवधि में सौम्या चौरसिया ने अपने और अपने परिजनों के नाम पर करीब 47 करोड़ 17 लाख रुपये की संपत्ति अर्जित की। जांच एजेंसी का दावा है कि यह संपत्ति उनके ज्ञात आय स्रोतों की तुलना में कई गुना अधिक है।

आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने इस मामले में विस्तृत जांच के बाद चार्जशीट अदालत में प्रस्तुत की थी। विशेष न्यायाधीश ने उसी के आधार पर आरोपों पर संज्ञान लेते हुए उन्हें तय किया। आरोप पढ़कर सुनाए जाने पर सौम्या चौरसिया ने खुद को निर्दोष बताया और सभी आरोपों से इनकार किया है।

अब अदालत में नियमित सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष अपने गवाहों और साक्ष्यों को पेश करेगा, जबकि बचाव पक्ष को भी अपने पक्ष में दलीलें और प्रमाण प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। दोनों पक्षों की बहस के बाद ही अदालत अंतिम निर्णय सुनाएगी।

गौरतलब है कि सौम्या चौरसिया को दिसंबर 2022 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार किया था। उनके खिलाफ कोयला लेवी, डीएमएफ और कथित शराब से जुड़े मामलों में भी जांच चल रही है। हालांकि, आय से अधिक संपत्ति का यह मामला अलग है।
फिलहाल वे जमानत पर हैं और निलंबित चल रही हैं। आने वाले दिनों में अदालत में होने वाली सुनवाई इस पूरे मामले की दिशा और परिणाम तय करेगी।

प्रशांत गौतम

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