जंगल की गुफा में तपस्या कर रहे संत पर भालू का हमला, मौके पर मौत — इलाके में दहशत

जनकपुर (एमसीबी)-जनकपुर थाना क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और चिंताजनक घटना सामने आई है, जहां जंगल की एक गुफा में वर्षों से साधना कर रहे संत की भालू के हमले में मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और भय का माहौल फैल गया है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत भगवानपुर के आश्रित ग्राम रेद के पास स्थित वन परिक्षेत्र कुवांरपुर के बाघमाड़ा पहाड़ी क्षेत्र की एक गुफा में संत लोकराम बंजारे बीते कई वर्षों से तपस्या में लीन थे। सोमवार सुबह ग्रामीणों को सूचना मिली कि संत पर जंगली भालू ने हमला कर दिया है।
मृतक संत लोकराम बंजारे (पिता रामनाथ बंजारे) मूलतः ग्राम भिलाईगढ़, जिला बलौदाबाजार के निवासी थे। वर्ष 2009 में वे बाघमाड़ा पहुंचे थे और तब से उसी गुफा को अपना निवास बनाकर साधना कर रहे थे। ग्रामीणों के मुताबिक, वे कभी भी गांव में रात्रि विश्राम नहीं करते थे और हर परिस्थिति में गुफा में ही रहते थे।
स्थानीय लोगों ने बताया कि गुफा के आसपास भालुओं की आवाजाही पहले से ही बनी रहती थी। कई बार भालू संत के पास तक पहुंचे, लेकिन कभी हमला नहीं हुआ। आशंका जताई जा रही है कि इन दिनों भालुओं का प्रजनन काल चल रहा है और भीषण गर्मी के कारण वे ठंडी जगह की तलाश में गुफा के भीतर पहुंच गए होंगे। इसी दौरान संत और भालू का आमना-सामना हो गया, जिससे भालू ने आक्रामक होकर हमला कर दिया।
हमला इतना अचानक और घातक था कि संत को संभलने का कोई मौका नहीं मिला और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटनास्थल पर भालू के खून से सने पंजों के निशान भी पाए गए हैं, जो हमले की भयावहता को दर्शाते हैं।
घटना की सूचना मिलते ही जनकपुर थाना पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को कब्जे में लिया और पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
वन विभाग ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है और भालू की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। वन परिक्षेत्र अधिकारी कुवांरपुर के अनुसार, प्रारंभिक जांच में संत की मौत भालू के हमले से होना प्रतीत हो रही है।
घटना की खबर फैलते ही सैकड़ों ग्रामीण बाघमाड़ा पहाड़ी पहुंच गए और संत के अंतिम दर्शन किए। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है और ग्रामीण जंगल की ओर जाने से बच रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि भालू पहले भी क्षेत्र में देखे जाते रहे हैं, लेकिन इस तरह की भयावह घटना पहली बार सामने आई है।




