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अब टैक्सी ड्राइवर बनेंगे ‘मालिक’: ‘भारत टैक्सी’ मॉडल से मुनाफे में सीधी हिस्सेदारी, Amit Shah ने रखा 3 साल का रोडमैप


नई दिल्ली। देशभर के टैक्सी चालकों के लिए केंद्र सरकार की ओर से एक बड़ी पहल सामने आई है। ‘भारत टैक्सी’ के विजन को साझा करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने कहा कि सरकार का उद्देश्य ड्राइवरों को केवल कर्मचारी नहीं, बल्कि अपनी टैक्सी कंपनी का मालिक बनाना है।
गृह मंत्री ने स्पष्ट कहा कि जो व्यक्ति दिन-रात मेहनत करता है और पसीना बहाता है, मुनाफे पर असली हक उसी का होना चाहिए, न कि किसी बड़े मालिक का। उन्होंने बताया कि निजी कंपनियों द्वारा ड्राइवरों की कमाई से 30 प्रतिशत तक हिस्सा काटे जाने और भविष्य की अनिश्चितता जैसी शिकायतों को देखते हुए ‘भारत टैक्सी’ की परिकल्पना की गई।
मुनाफे में सीधा हिस्सा
अमित शाह ने मॉडल समझाते हुए कहा कि यदि ‘भारत टैक्सी’ को 25 करोड़ रुपये का मुनाफा होता है, तो उसमें से 20 प्रतिशत (5 करोड़ रुपये) कंपनी में ड्राइवरों की पूंजी के रूप में जमा होगा, जबकि 80 प्रतिशत (20 करोड़ रुपये) सीधे उन ड्राइवरों के खातों में जाएगा, जिन्होंने जितने किलोमीटर वाहन चलाया है, उसके आधार पर वितरण होगा।
इस व्यवस्था के तहत ड्राइवरों को मासिक किराया तो मिलेगा ही, साथ ही साल के अंत में कंपनी के लाभ में भी हिस्सेदारी मिलेगी, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकेंगे।
पहले तीन साल अहम
गृह मंत्री ने कहा कि शुरुआती तीन वर्षों में धैर्य रखने की आवश्यकता होगी, क्योंकि निजी कंपनियां प्रतिस्पर्धा बढ़ाएंगी। इस अवधि में विज्ञापन, विस्तार और संगठन को मजबूत करने पर ध्यान दिया जाएगा। तीन साल बाद कंपनी मजबूत स्थिति में होगी और ड्राइवरों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव होगी।
देशव्यापी विस्तार का लक्ष्य
सरकार ने अगले तीन वर्षों में देश के हर नगर निगम वाले शहर में ‘भारत टैक्सी’ सेवा शुरू करने का लक्ष्य रखा है। सहकारिता क्षेत्र की ताकत का उल्लेख करते हुए अमित शाह ने कहा कि जहां 75 वर्षों में 36 करोड़ लोग सहकारिता से जुड़े, वहीं ‘भारत टैक्सी’ से दो वर्षों में ही 15 करोड़ लोग जुड़ चुके हैं।
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में ‘भारत टैक्सी’ देश की सबसे बड़ी टैक्सी सेवा बन सकती है, जिसमें ड्राइवर ही वास्तविक भागीदार और मालिक होंगे।

प्रशांत गौतम

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