*केंद्र सरकार ने एक माह और राज्य सरकार ने दो माह का राशन हितग्राहियों को आवंटित किया, वितरण एक माह का जानिए वजह*
छत्तीसगढ़ उजाला

बिलासपुर (छत्तीसगढ़ उजाला)। लोगों को दो माह की जगह फिलहाल केवल एक माह का चावल ही दिया जा रहा है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि केंद्र सरकार ने एक माह का तो राज्य सरकार ने दो माह का राशन आवंटित किया है। विवाद से बचने के लिए शासकीय उचित मूल्य दुकानों के संचालक सभी को एक माह का ही राशन दे रहे हैं।
केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत एक माह का राशन दिया है, जबकि छत्तीसगढ़ खाद्य सुरक्षा अधिनियम (सीजीएफएसए) के तहत कार्डधारियों के लिए दो माह का चावल स्वीकृत है। लेकिन गोदामों से पर्याप्त मात्रा में चावल दुकानों तक नहीं पहुंच पा रहा है, इसलिए फिलहाल सभी को केवल एक माह का राशन ही मिल रहा है। उचित मूल्य दुकानों के संचालक बताते हैं कि यदि किसी को दो माह और किसी को एक माह का राशन दिया गया, तो दुकानों में विवाद हो सकता है। इस स्थिति का सीधा असर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के कार्डधारियों पर पड़ रहा है, जिन्हें अगले माह दोबारा दुकानों पर राशन लेने आना होगा।
लोगों को दो माह की जगह फिलहाल केवल एक माह का चावल ही दिया जा रहा है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि केंद्र सरकार ने एक माह का तो राज्य सरकार ने दो माह का राशन आवंटित किया है। विवाद से बचने के लिए शासकीय उचित मूल्य दुकानों के संचालक सभी को एक माह का ही राशन दे रहे हैं।
केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत एक माह का राशन दिया है, जबकि छत्तीसगढ़ खाद्य सुरक्षा अधिनियम (सीजीएफएसए) के तहत कार्डधारियों के लिए दो माह का चावल स्वीकृत है। लेकिन गोदामों से पर्याप्त मात्रा में चावल दुकानों तक नहीं पहुंच पा रहा है, इसलिए फिलहाल सभी को केवल एक माह का राशन ही मिल रहा है। उचित मूल्य दुकानों के संचालक बताते हैं कि यदि किसी को दो माह और किसी को एक माह का राशन दिया गया, तो दुकानों में विवाद हो सकता है। इस स्थिति का सीधा असर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के कार्डधारियों पर पड़ रहा है, जिन्हें अगले माह दोबारा दुकानों पर राशन लेने आना होगा।




