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रामायण केंद्र, जबलपुर द्वारा ‘शिव तत्व चिंतन एवं परिचर्चा’ पर जन-जागृति अभियान का शुभारंभ


जबलपुर। महाशिवरात्रि पर्व के पावन अवसर पर रामायण केंद्र, जबलपुर द्वारा 15 फरवरी 2026 को सुप्तेश्वर गणेश मंदिर प्रांगण में “शिव तत्व चिंतन, परिचर्चा एवं प्रश्नोत्तर” विषय पर परिसंवाद एवं जन-जागृति अभियान का श्रीगणेश किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य भगवान शिव के दार्शनिक स्वरूप, उनके प्रतीकों और सनातन परंपरा में उनके आध्यात्मिक महत्व को जन-जन तक पहुँचाना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं डॉ. राजेंद्र नेमा द्वारा शिव महिम्न: स्तोत्रम् के पाठ से हुआ। इसके पश्चात श्रीमती निधि पाठक ने शिव रुद्राष्टकम् का मधुर गायन प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
परिसंवाद में श्री अवध नारायण सहित अन्य वक्ताओं ने महाशिवरात्रि के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और दार्शनिक आयामों पर अपने विचार व्यक्त किए। जिला अध्यक्ष श्रीमती अलका श्रीवास्तव ने भगवान शंकर द्वारा धारण किए गए विभिन्न प्रतीकों—जटाओं में गंगा, मस्तक पर चंद्र, कंठ में सर्प, त्रिशूल और डमरू—का विस्तृत विवेचन करते हुए उनके आध्यात्मिक अर्थ स्पष्ट किए।
इंजी. संतोष कुमार मिश्र ‘असाधु’ ने शिव तत्व पर सूक्ष्म व्याख्या प्रस्तुत करते हुए कहा कि भगवान शिव का “प्रलय” भौतिक विनाश नहीं, बल्कि अज्ञान के अंत और ज्ञान के उदय का प्रतीक है। उन्होंने समाज में धार्मिक विषयों पर प्रचलित भ्रमों से सावधान रहने तथा अपने धर्मग्रंथों के प्रति सजग एवं अध्ययनशील बनने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में श्रीमती संध्या पाण्डे ने शिव भजन प्रस्तुत किया। संचालन एवं आभार प्रदर्शन श्रीमती निधि पाठक द्वारा किया गया। सफल आयोजन के लिए कवि संगम त्रिपाठी ने आयोजकों को बधाई दी।
यह जन-जागृति अभियान आगामी दिनों में भी विभिन्न स्थलों पर आयोजित किया जाएगा, ताकि समाज में शिव तत्व के दार्शनिक और आध्यात्मिक संदेश का व्यापक प्रसार हो सके।

प्रशांत गौतम

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