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PMO पोर्टल तक शिकायत के बाद भी नहीं जागा प्रशासन, महीनों से लंबित है शासकीय भूमि मे अवैध कब्जे का मामला


गौरेला-पेंड्रा-मरवाही(छत्तीसगढ़ उजाला)
देश के सर्वोच्च शिकायत निवारण मंच PMO पोर्टल पर दर्ज शिकायत के बावजूद गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। शासकीय भूमि से अवैध कब्जा हटाने को लेकर अगस्त 2025 में की गई शिकायत पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
शिकायतकर्ता द्वारा PMO पोर्टल के माध्यम से यह अवगत कराया गया था कि सकोला तहसील क्षेत्र में बड़े झाड़ की शासकीय भूमि पर वर्षों से अवैध कब्जा बना हुआ है। स्थानीय स्तर पर बार-बार शिकायतों के बावजूद तहसील एवं राजस्व प्रशासन ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
PMO कार्यालय से शिकायत अग्रेषित होने के बाद प्रकरण कलेक्टर कार्यालय, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही भेजा गया, जहां यह मामला डिप्टी कलेक्टर स्तर पर लंबित है। सितंबर 2025 के बाद से पोर्टल पर लगातार “Under Process” की स्थिति दिखाई जा रही है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि शिकायतकर्ता ने सितंबर 2025 से फरवरी 2026 तक आठ से अधिक बार रिमाइंडर भेजे, लेकिन हर बार निराशा ही हाथ लगी। पोर्टल पर कभी “जानकारी अप्राप्त”, कभी “कोई कार्रवाई नहीं” तो कभी “निराकरण लंबित” जैसे औपचारिक शब्दों में जवाब दर्ज कर मामले को टाल दिया गया।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब PMO स्तर तक पहुंची शिकायतों का भी यही हश्र हो रहा है, तो आम जनता अपनी फरियाद लेकर आखिर जाए तो कहां जाए? यह प्रकरण न केवल प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करता है, बल्कि सरकारी शिकायत निवारण पोर्टलों की विश्वसनीयता और प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े करता है।
अब देखना यह है कि क्या जिला प्रशासन इस लंबे समय से लंबित मामले पर संज्ञान लेता है या फिर यह शिकायत भी फाइलों के ढेर में दबकर रह जाएगी।

प्रशांत गौतम

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