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धौराटिकरा धान खरीदी केंद्र में खुली लूट!बर्खास्त कर्मचारियों की सक्रिय भूमिका, अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल

धौराटिकरा(छत्तीसगढ़ उजाला)
धान खरीदी को लेकर धौराटिकरा धान खरीदी केंद्र एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में आ गया है। खरीदी प्रक्रिया के दौरान नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है और यह सब कथित तौर पर जिम्मेदार अधिकारियों की मौजूदगी में हो रहा है। स्थानीय किसानों और विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, सहायक नोडल अधिकारी की उपस्थिति में ही 41 किलो 200 ग्राम धान का तथाकथित “दौरा” किया जा रहा है, जो शासन द्वारा तय मापदंडों का सीधा उल्लंघन है।
सूत्रों का दावा है कि टिकरा धान खरीदी समिति में पहले से बर्खास्त किए जा चुके कर्मचारी न केवल केंद्र में मौजूद हैं, बल्कि सक्रिय रूप से खरीदी प्रक्रिया में हस्तक्षेप भी कर रहे हैं। किसानों का आरोप है कि ईमानदार किसानों का धान गुणवत्ता के नाम पर लौटा दिया जाता है, जबकि कोचियों और बाहरी लोगों का धान बिना जांच खरीदा जा रहा है। इससे किसानों के साथ खुलेआम भेदभाव हो रहा है।
‘जीजा-साली की जोड़ी’ पर अराजकता फैलाने का आरोप
धान खरीदी केंद्र में एक तथाकथित “जीजा-साली की जोड़ी” द्वारा नियमों को ताक पर रखकर खरीदी कराने की चर्चा भी जोरों पर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इनके प्रभाव के चलते व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। आगामी शनिवार को प्रस्तावित सत्यापन में भारी धान कमी सामने आने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि कई वास्तविक किसानों का धान लौटाया गया, जबकि कोचियों का धान सूची में दर्ज कर लिया गया।
बर्खास्त कर्मचारी का केंद्र में रहना नियमों का सीधा उल्लंघन
छत्तीसगढ़ राज्य की धान खरीदी नीति, सहकारी समिति नियमावली एवं सामान्य सेवा नियमों के अनुसार, किसी भी बर्खास्त कर्मचारी का धान खरीदी केंद्र में प्रवेश या कार्य में संलिप्त रहना पूर्णतः प्रतिबंधित है। इसके बावजूद धौराटिकरा धान खरीदी केंद्र में बर्खास्त कर्मचारी खुलेआम सक्रिय दिखाई दे रहे हैं, जो गंभीर प्रशासनिक अपराध की श्रेणी में आता है।
जांच के बावजूद केंद्र में मौजूदगी, निष्पक्षता पर सवाल
प्रधानमंत्री पोर्टल पर जामपारा समिति एवं धौराटिकरा समिति में पदस्थ रहे समिति प्रबंधक के विरुद्ध पहले ही शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है, जिसकी जांच फिलहाल जारी है। इसके बावजूद अजय साहू का धौराटिकरा धान खरीदी केंद्र में लगातार मौजूद रहना जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
किसानों की मांग—उच्चस्तरीय जांच और सख्त कार्रवाई
किसानों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि
धौराटिकरा धान खरीदी केंद्र की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए
बर्खास्त कर्मचारियों को तत्काल केंद्र से बाहर किया जाए
दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए

प्रशांत गौतम

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