सरकंडा स्थित नशा मुक्ति केंद्र का अपर कलेक्टर ज्योति पटेल ने किया निरीक्षण, नशा छोड़कर नई जिंदगी शुरू करने का दिया संदेश

बिलासपुर(छत्तीसगढ़ उजाला)-जिले के सरकंडा स्थित नशा मुक्ति केंद्र सह एकीकृत पुनर्वास केंद्र का 12 अप्रैल 2026 को अपर कलेक्टर ज्योति पटेल ने विभागीय निरीक्षण किया। यह केंद्र छत्तीसगढ़ शबरी सेवा सरगुजा के तत्वावधान में संचालित किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान केंद्र की व्यवस्थाओं, हितग्राहियों के रहन-सहन, भोजन व्यवस्था और उपचार संबंधी व्यवस्थाओं की विस्तृत जांच की गई।
निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर ने केंद्र में उपस्थित हितग्राहियों से बातचीत कर उनकी स्थिति और उपचार की प्रगति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने सभी को प्रेरित करते हुए कहा कि नशे की लत से बाहर निकलकर वे अपने जीवन को नई दिशा और नई पहचान दे सकते हैं। उन्होंने हितग्राहियों को समझाया कि शराब, गांजा, गुड़ाखू, बीड़ी और गुटखा जैसी आदतें व्यक्ति के जीवन, स्वास्थ्य और परिवार को गंभीर नुकसान पहुंचाती हैं। इसलिए सकारात्मक सोच अपनाकर नशा मुक्त जीवन जीने का संकल्प लेना चाहिए।
अपर कलेक्टर ने केंद्र में कार्यरत कर्मचारियों से भी चर्चा की और संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों में सुधार करने तथा विशेष रूप से भोजन की गुणवत्ता बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए, ताकि केंद्र में रह रहे हितग्राहियों को बेहतर सुविधा मिल सके।
बताया गया कि यह केंद्र नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य समाज में बढ़ते नशे के दुष्प्रभाव को कम करना, लोगों को उपचार उपलब्ध कराना तथा जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से नशा मुक्त समाज की दिशा में प्रयास करना है।
निरीक्षण के दौरान समाज कल्याण विभाग बिलासपुर के संयुक्त संचालक तिलकेश भावे तथा धुर्वे सर भी उपस्थित रहे। वहीं छत्तीसगढ़ शबरी सेवा संस्थान की ओर से कमल यादव और शत्रुघ्न जी मौजूद थे।
केंद्र में कार्यरत कर्मचारियों में डॉ. कौशिक, रूपेंद्र, दीपक, कमल, एरिक, शैंकी, बेनी माधव राजवाड़े और राजकुमार उपस्थित रहे।




