कोरबा में गरजा बागेश्वर धाम सरकार का मंच: हनुमंत कथा में उमड़ा जनसैलाब, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की धर्मांतरण पर ख़ुली चेतावनी

कोरबा(छत्तीसगढ़ उजाला)-ऊर्जाधानी कोरबा के ढपढप मैदान में शनिवार को भक्ति और आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि प्रशासन को व्यवस्थाएं संभालने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की पांच दिवसीय हनुमंत कथा की भव्य शुरुआत के साथ ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने पूरे आयोजन स्थल को आध्यात्मिक माहौल में डुबो दिया।
हालांकि, कथा के पहले ही दिन बाबा अपने तीखे बयानों को लेकर सुर्खियों में आ गए। छत्तीसगढ़ में चल रहे धर्म स्वतंत्रता विधेयक 2026 को लेकर जारी विवाद के बीच मंच से उन्होंने धर्मांतरण के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया। उनके बयान के बाद धार्मिक और सामाजिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
बाबा ने खुद को छत्तीसगढ़ का “भांचा” बताते हुए स्थानीय लोगों से भावनात्मक जुड़ाव दिखाया और कहा कि भटके हुए लोगों की “घर वापसी” कराई जाएगी। उन्होंने कोरबा की पहचान—कोयला और ऊर्जा—का जिक्र करते हुए क्षेत्र की अहमियत को भी रेखांकित किया।
आयोजन स्थल पर भीड़ का आलम यह था कि जिला प्रशासन को खुद मोर्चा संभालना पड़ा। सुरक्षा व्यवस्था के तहत अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों का व्यापक इंतजाम किया गया है।
जानकारी के मुताबिक, बिलासपुर और जांजगीर समेत आसपास के जिलों से भी हजारों श्रद्धालु पहले ही दिन कथा में शामिल हुए। आयोजन 1 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें “दिव्य दरबार” को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
वहीं, मसीही समाज के विरोध के बीच दिए गए इस बयान ने माहौल को और संवेदनशील बना दिया है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है, ताकि आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।




