छत्तीसगढ़ के कई सरकारी स्कूलों में शिक्षक-छात्र अनुपात का नियम नहीं हो पा रहा लागू, शिक्षा मंत्री ने विधानसभा में मानी कमी

रायपुर(छत्तीसगढ़ उजाला)-छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में शिक्षक-छात्र अनुपात को लेकर एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। प्रदेश के कई स्कूलों में निर्धारित मानकों के अनुसार शिक्षकों की उपलब्धता नहीं है। इस बात को स्वयं राज्य के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने विधानसभा में स्वीकार किया है।
30 छात्रों पर एक शिक्षक का है नियम
विधानसभा में ध्यानाकर्षण के दौरान शिक्षा मंत्री ने बताया कि नियमों के मुताबिक हर 30 छात्रों पर एक शिक्षक होना अनिवार्य है, लेकिन प्रदेश के सभी स्कूलों में फिलहाल यह व्यवस्था पूरी तरह लागू नहीं हो पाई है। कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी के कारण निर्धारित अनुपात बनाए रखना चुनौती बना हुआ है।
विधायक ने उठाया मुद्दा
यह मामला कांग्रेस विधायक राघवेंद्र सिंह के सवाल के बाद सामने आया। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या राज्य के प्रत्येक स्कूल में शिक्षक-छात्र अनुपात के नियम का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
विधायक ने यह भी जानना चाहा कि क्या सरकार इस संबंध में कोई नया आदेश जारी करेगी और शिक्षकों की भर्ती कर सभी स्कूलों में निर्धारित अनुपात लागू करने की दिशा में कदम उठाएगी।
सरकार ने सुधार के प्रयास की कही बात
शिक्षा मंत्री ने अपने जवाब में स्वीकार किया कि वर्तमान में सभी स्कूलों में यह मानक पूरा नहीं हो पाया है। हालांकि उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार इस स्थिति को सुधारने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और आने वाले समय में शिक्षकों की व्यवस्था बेहतर बनाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
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