मुख्य परीक्षा परिणाम में भारी गड़बड़ी पर फूटा छात्रों का गुस्सा
00 अंक, अनुपस्थित दर्ज करने और 1-2 नंबर देने के आरोपों को लेकर NSUI का विश्वविद्यालय में प्रदर्शन

कुलपति से मुलाकात के बाद पुनर्मूल्यांकन का आश्वासन,
कुलसचिव के रवैये पर भड़के जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह
बिलासपुर (छत्तीसगढ़ उजाला)
अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, कोनी द्वारा जारी मुख्य परीक्षा 2026 (सेमेस्टर) के परिणामों में कथित भारी अनियमितताओं को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने गुरुवार को जोरदार प्रदर्शन किया। शासकीय जे.एम.पी. महाविद्यालय तखतपुर एवं कन्या महाविद्यालय के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं NSUI जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह के नेतृत्व में विश्वविद्यालय पहुंचे और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप लगाते हुए प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
छात्रों का आरोप है कि परीक्षा में शामिल होने के बावजूद कई विद्यार्थियों को अनुपस्थित दर्शाया गया है, अनेक छात्रों को 00 अंक देकर असफल घोषित कर दिया गया, जबकि कई विषयों में केवल 1 या 2 अंक दिए गए हैं। इससे छात्र-छात्राओं में भारी आक्रोश है।
प्रदर्शन के दौरान छात्र-छात्राओं ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव तारणिश गौतम से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपने की कोशिश की, लेकिन आरोप है कि कुलसचिव ने छात्रों से मिलने से इनकार कर दिया। इससे नाराज छात्र NSUI जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह के नेतृत्व में सीधे कुलपति प्रो. लालित प्रकाश पटेरिया से मिलने पहुंचे और पूरे मामले से अवगत कराया।
कुलपति ने छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि सभी प्रभावित छात्र-छात्राओं की उत्तर पुस्तिकाओं का शीघ्र पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) कराया जाएगा तथा छात्रहित में उचित निर्णय लिया जाएगा।
इसी दौरान NSUI जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह और कुलसचिव तारणिश गौतम के बीच तीखी बहस भी हुई। रंजीत सिंह ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील नहीं है और जिम्मेदार अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों से बचने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों से मिलने से इनकार करना प्रशासनिक उदासीनता का उदाहरण है।
बताया गया कि चर्चा के दौरान कुलसचिव तारणिश गौतम बीच बैठक से उठकर जाने लगे, जिससे माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को संभालने के लिए कुलपति प्रो. एल.पी. पटेरिया को हस्तक्षेप करना पड़ा। इसके बाद कुलपति ने सभी प्रभावित छात्रों की अंकसूचियां जमा कराकर पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू कराने का भरोसा दिलाया।
इसके पश्चात NSUI प्रतिनिधिमंडल एवं पीड़ित छात्र-छात्राओं ने कुलपति को औपचारिक ज्ञापन सौंपा। NSUI जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन छात्रहित में उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
इस प्रदर्शन में प्रदेश सचिव लोकेश नायक, जिला महासचिव शुभम जायसवाल, दीपक लहरे, राजा जिन्दरान, आशीन सैमुअल, तुषार बंजारे, विपिन साहू, राकेश तिवारी, याकिन खान, शुभम मिश्रा, कुंवर यशपाल, देव कुमार भारती, सूर्या बघेल, लक्ष्य जोल्हे, सपना अहिरवार, तृषा मानिकपुरी, संजना कश्यप, ओशी साहू, पल्लवी सोनवानी, सुमन देवांगन, अन्नू कुम्हार, यश कुमारी, कविता कुम्हार, निशा लहरे सहित बड़ी संख्या में NSUI पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।




