सशक्त हस्ताक्षर का चतुर्थ वार्षिकोत्सव समारोह भव्यता के साथ संपन्न, कवि सम्मेलन और सम्मान समारोह ने बांधा समां

जबलपुर(छत्तीसगढ़ उजाला)-साहित्य, संस्कृति और सृजनशीलता को समर्पित संस्था सशक्त हस्ताक्षर का चतुर्थ वार्षिकोत्सव समारोह कला वीथिका में अत्यंत भव्यता, दिव्यता और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में देशभर से पहुंचे साहित्यकारों, कवियों एवं अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था के संस्थापक गणेश श्रीवास्तव ‘प्यासा’ द्वारा अतिथियों के आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन से हुआ। समारोह के प्रथम चरण में आयोजित राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से आए कवि एवं कवयित्रियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कविता, गीत, ग़ज़ल और ओजपूर्ण प्रस्तुतियों ने पूरे सभागार को साहित्यिक रंग में रंग दिया।
द्वितीय चरण में विमोचन एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि रजनी साहू ‘सुधा’ रहीं, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता महामहोपाध्याय आचार्य डॉ. हरिशंकर दुबे ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. अन्नपूर्णा तिवारी ‘अनु’, आनंद ज्योति पाठक, डॉ. कुमकुम शुक्ला, रत्ना श्रीवास्तव, डॉ. सुरेन्द्रलाल साहू ‘निर्विकार’ उपस्थित रहे।
सारस्वत अतिथि के रूप में राजेश पाठक ‘प्रवीण’, समीक्षक डॉ. मुकुल तिवारी एवं यशोवर्धन पाठक की विशेष उपस्थिति रही।
समारोह में सशक्त हस्ताक्षर की स्मारिका के साथ-साथ रजनी साहू ‘सुधा’ की पुस्तक “समवेत स्वर” एवं डॉ. अन्नपूर्णा तिवारी की पुस्तक “सृजन मेरे-भाव मेरे” का विधिवत विमोचन किया गया। इसके पश्चात सभी अतिथियों एवं साहित्यकारों को शाल, अंगवस्त्र, कलमश्री, मानपत्र एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, पंजाब, महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों से आए साहित्यकारों एवं रचनाकारों की उल्लेखनीय सहभागिता रही। उपस्थित प्रमुख साहित्यकारों में डॉ. हरिदास बड़ोदे, हरिप्रेम मेहरा, डॉ. मनोज फगवाड़वी, सुवीर श्रीवास्तव ‘वीर’, शिवानी भगत, निरंजन द्विवेदी ‘वत्स’, राजवीर शर्मा, रामवल्लभ गुप्त ‘इंदौरी’, विष्णु बाजपेई ‘विकल’, सुरेश सचान पटेल, डॉ. ललिता यादव, डॉ. निवेदिता वर्मा ‘मेघा’, डॉ. नवनीता दुबे, डॉ. अनुराधा गर्ग ‘दीप्ति’, प्रीति नामदेव ‘भूमिजा’, मधु जैन ‘माधवी’, महब जबलपुरी, डॉ. संध्या शुक्ल ‘मृदुल’, डॉ. दीप्ति खरे, एड. तृप्ति त्रिवेदी, डॉ. सलमा जमाल, डॉ. छाया सिंह, विजय नेमा ‘अनुज’, सुरेश मिश्र ‘विचित्र’ सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का प्रभावी संचालन गणेश श्रीवास्तव, सिद्धेश्वरी सराफ ‘शीलू’ एवं सहयोगी टीम ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन लखन लाल रजक द्वारा किया गया। आयोजन को सफल बनाने में मदन श्रीवास्तव, कवि संगम त्रिपाठी सहित समस्त सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
संपूर्ण समारोह साहित्य, सम्मान और सांस्कृतिक चेतना का अनुपम संगम बनकर उपस्थित जनों के लिए अविस्मरणीय बन गया।




