“नाम का जिला, बदहाल व्यवस्था!”भीषण गर्मी में घंटों ब्लैकआउट झेल रहा “जिला जी.पी.एम.” बिजली विभाग के रवैये से लोगों में भारी आक्रोश

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही(छत्तीसगढ़ उजाला)
भीषण गर्मी के बीच जी.पी.एम. जिले की बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई नजर आ रही है। जैसे ही तापमान बढ़ता है, जिले में बिजली कटौती का सिलसिला शुरू हो जाता है। हालत यह है कि दिन हो या रात, जब मन तब बिजली बंद हो जाती है और पूरा जिला घंटों अंधेरे में डूबा रहता है।
जिला बनने के बाद भी लोगों को बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। बिजली गुल होने से छोटे बच्चे, बुजुर्ग और मरीज सबसे ज्यादा परेशान हैं। उमस भरी गर्मी में लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया है। रातभर बिजली कटौती के कारण लोगों की नींद हराम हो रही है।
सबसे ज्यादा नाराजगी बिजली विभाग के रवैये को लेकर देखने को मिल रही है। लोगों का आरोप है कि बिजली ऑफिस के नंबर पर फोन लगाने पर या तो कॉल उठाया ही नहीं जाता, और अगर कभी फोन रिसीव हो भी जाए तो जिम्मेदार कर्मचारी गोलमोल जवाब देकर पल्ला झाड़ लेते हैं। इससे उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब लगातार फोन करने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिलता, तब मजबूरी में उन्हें बिजली ऑफिस पहुंचना पड़ता है। लेकिन वहां भी समस्या का समाधान करने के बजाय कर्मचारी कूलर में बैठकर गप्पबाजी करते नजर आते हैं। उपभोक्ताओं द्वारा फोन नहीं उठाने का कारण पूछने पर कर्मचारियों का जवाब होता है कि “फ्यूज कॉल का रिप्लाई नहीं देते।” कर्मचारियों के इस रवैये से लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है।
स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि मामूली गर्मी या हल्की बारिश में भी सप्लाई ठप हो जाती है। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा।
जिलेवासियों का कहना है कि जब जिला मुख्यालय का यह हाल है, तो गांवों की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। लोगों ने प्रशासन और बिजली विभाग से तत्काल व्यवस्था सुधारने, कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने और लगातार हो रही बिजली कटौती पर रोक लगाने की मांग की है।




