खैरागढ़ में सियासी भूचाल : भाजपा की महिला नेत्री के गंभीर आरोपों से घिरे पूर्व विधायक कोमल जंघेल, थाने में एफआईआर दर्ज

खैरागढ़(छत्तीसगढ़ उजाला)-जिले की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब भाजपा से जुड़ी एक महिला नेत्री ने पूर्व विधायक कोमल जंघेल पर गंभीर दुर्व्यवहार के आरोप लगाए। खास बात यह है कि आरोप किसी विपक्षी दल की ओर से नहीं, बल्कि सत्तारूढ़ दल से जुड़ी महिला नेता द्वारा लगाए गए हैं। शिकायत के आधार पर छुईखदान थाने में एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
राजनीतिक प्रभाव के दुरुपयोग का आरोप
महिला नेत्री ने अपनी लिखित शिकायत में आरोप लगाया है कि पूर्व विधायक ने अपने राजनीतिक संबंधों और प्रभाव का फायदा उठाते हुए उसके साथ दुर्व्यवहार किया। पीड़िता ने पुलिस से अपनी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखने की मांग की है। उसने आशंका जताई है कि यदि उसका नाम सार्वजनिक हुआ तो उसे गंभीर खतरा हो सकता है। यह मांग मामले की संवेदनशीलता को और अधिक गंभीर बना देती है।
थाने पहुंचकर दर्ज कराई शिकायत
जानकारी के अनुसार, महिला नेत्री स्वयं छुईखदान थाने पहुंचीं और विस्तृत शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामला कायम कर लिया और प्रारंभिक जांच शुरू कर दी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और संबंधित साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया जारी है।
प्रभावशाली नेता माने जाते हैं कोमल जंघेल
कोमल जंघेल खैरागढ़ क्षेत्र के प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। वे इस विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चार बार चुनाव लड़ चुके हैं। ऐसे में उनके खिलाफ लगे आरोपों ने स्थानीय राजनीति में भारी हलचल पैदा कर दी है। पार्टी के भीतर भी इस घटनाक्रम को लेकर बेचैनी बताई जा रही है।
पुलिस ने कहा—हर पहलू की होगी जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला अत्यंत संवेदनशील है और हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है। हालांकि अब तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि हो चुकी है और जांच प्रक्रिया जारी है।
प्रदेश की राजनीति पर पड़ सकता है असर
इस घटनाक्रम ने राजनीति में प्रभाव और शक्ति के दुरुपयोग के सवाल एक बार फिर सामने ला दिए हैं। जिस नेता पर जनता भरोसा जताती है, उसी पर इस तरह के आरोप लगना राजनीतिक व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला प्रदेश की राजनीति में बड़ा मोड़ ला सकता है और एक प्रमुख राजनीतिक चेहरे के लिए गंभीर संकट खड़ा कर सकता है। फिलहाल खैरागढ़ से उठी यह खबर पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन चुकी है और सभी की नजरें पुलिस जांच की दिशा और निष्कर्ष पर टिकी हैं।



