छत्तीसगढ़ से राज्यसभा के लिए उभरा शिक्षाविद् चेहरा: डॉ. अरुण शिवम पटनायक की दावेदारी चर्चा में

(छत्तीसगढ़ उजाला)-
छत्तीसगढ़ में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी से कई नामों की दावेदारी सामने आ रही है। इन्हीं चर्चाओं के बीच बिलासपुर निवासी शिक्षाविद् और समाजसेवी डॉ. अरुण शिवम पटनायक का नाम भी प्रमुखता से उभरकर सामने आया है। राजनीतिक हलकों में उन्हें राज्यसभा के लिए एक उपयुक्त और संतुलित विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।
बिलासपुर की धरती ने अनेक प्रतिभाओं को जन्म दिया है, और डॉ. पटनायक उन्हीं में से एक माने जाते हैं। शिक्षा, समाजसेवा और वैचारिक प्रतिबद्धता का संतुलित संगम उनके व्यक्तित्व में स्पष्ट दिखाई देता है। वे लंबे समय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे हैं और सामाजिक सरोकारों से संबंधित गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते आए हैं।

शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान विशेष उल्लेखनीय रहा है। एमिटी यूनिवर्सिटी से जुड़ाव के माध्यम से उन्होंने अकादमिक क्षेत्र में अपनी पहचान स्थापित की है। उन्हें देश के साथ-साथ विदेशों में भी विभिन्न विषयों पर व्याख्यान देने के लिए आमंत्रित किया जाता रहा है। यह न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि भारतीय बौद्धिक परंपरा की वैश्विक प्रतिष्ठा का भी प्रमाण है।
सामाजिक स्तर पर भी उनकी सक्रियता उल्लेखनीय रही है। तेलुगु समाज में उनका नाम सम्मान के साथ लिया जाता है। विभिन्न सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी ने उन्हें समुदाय का विश्वसनीय प्रतिनिधि बनाया है।राज्यसभा केवल राजनीतिक विमर्श का मंच नहीं, बल्कि नीति-निर्माण, शिक्षा, संस्कृति और समाज के विविध विषयों पर गंभीर चिंतन का सदन है। ऐसे में शिक्षाविदों और अनुभवी समाजसेवियों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है।
यदि भारतीय जनता पार्टी डॉ. पटनायक जैसे अकादमिक और सामाजिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तित्व को आगे बढ़ाने पर विचार करती है, तो इसे शिक्षा और समाजसेवा को सम्मान देने के संकेत के रूप में देखा जाएगा।आज देश को ऐसे प्रतिनिधियों की आवश्यकता है, जिनके पास राजनीतिक समझ के साथ-साथ सामाजिक और शैक्षणिक दृष्टि भी हो। डॉ. अरुण शिवम पटनायक का व्यक्तित्व इस कसौटी पर खरा उतरता है। यदि उन्हें राज्यसभा में अवसर मिलता है, तो यह न केवल बिलासपुर या तेलुगु समाज के लिए, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देश के लिए गौरव का विषय हो सकता है।



