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सच की कलम पर जानलेवा वार! पत्रकार नीलेश शर्मा को ट्रक से रौंदने की साजिश, BNS की धारा 110 में केस दर्ज


रायपुर(छत्तीसगढ़ उजाला)-छत्तीसगढ़ के बेबाक और तेजतर्रार पत्रकार नीलेश शर्मा सोमवार सुबह एक खौफनाक सड़क हादसे का शिकार हो गए। लेकिन सवाल यह उठ रहा है—क्या यह महज हादसा था या फिर सुनियोजित साजिश?
सुबह करीब 11 बजे रायपुर के रिंग रोड पर तेज रफ्तार ट्रक ने पहले एक कार को जोरदार टक्कर मारी और फिर सीधे पत्रकार नीलेश शर्मा की स्कूटी को अपनी चपेट में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रक की रफ्तार असामान्य रूप से तेज थी और ड्राइवर ने वाहन पर नियंत्रण खोने जैसा कोई प्रयास नहीं किया।
हादसे के बाद का मंजर दिल दहला देने वाला था। शर्मा की स्कूटी ट्रक के नीचे बुरी तरह फंसी हुई थी, जबकि वे कई फीट दूर सड़क पर लहूलुहान पड़े मिले। उन्हें ट्रक के पहियों के बीच से बाहर निकाला गया। मौके पर मौजूद समाजसेवी दीपक भारद्वाज ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।
पुलिस ने ट्रक और क्षतिग्रस्त स्कूटी को जब्त कर लिया है। ड्राइवर से सख्ती से पूछताछ की जा रही है और उसका एल्कोहल टेस्ट भी कराया गया है। ट्रक मालिक को भी पूछताछ के लिए तलब किया गया है। आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और हर पहलू—हादसा, लापरवाही या साजिश—पर गंभीरता से जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि नीलेश शर्मा अपनी बेबाक लेखनी और छत्तीसगढ़ी मुहावरों से सजी तीखी रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और निलंबित उप सचिव सौम्या चौरसिया से जुड़े कथित मामलों पर कई सनसनीखेज खुलासे प्रकाशित किए थे।
सूत्रों के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र चैतन्य बघेल और सौम्या चौरसिया से जुड़े साक्ष्यों पर प्रकाशित खबरों को लेकर उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। उन्हें विभिन्न माध्यमों से धमकियां भी मिलने की बात सामने आई है।
अब बड़ा सवाल यह है—क्या एक पत्रकार को उसकी बेबाक कलम की कीमत चुकानी पड़ी?
फिलहाल पुलिस ने साफ किया है कि जांच हर एंगल से की जा रही है। लेकिन इस घटना ने प्रदेश की सियासत और पत्रकारिता जगत में हलचल मचा दी है।
सच पर हमला हुआ है या यह महज सड़क हादसा है—इसका जवाब अब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

प्रशांत गौतम

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