3 मार्च 2026 को पूर्ण चंद्र ग्रहण: शाम को दिखेगा अद्भुत नज़ारा, जानें समय और कारण

नई दिल्ली। 3 मार्च, 2026 को लगने वाला पूर्ण चंद्र ग्रहण देशभर में खास खगोलीय घटना के रूप में देखा जाएगा। यह ग्रहण भारत के सुदूर पश्चिमी हिस्सों के कुछ स्थानों को छोड़कर अधिकांश क्षेत्रों में दिखाई देगा। शाम के समय चंद्रोदय के साथ ही लोग इस अद्भुत नज़ारे का साक्षी बन सकेंगे।
भारत में कहां दिखेगा ग्रहण?
उत्तर-पूर्व भारत और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कुछ स्थानों को छोड़कर देश के अधिकांश हिस्सों में चंद्रमा के उदय के समय ग्रहण दिखाई देगा।
यह खगोलीय घटना पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर क्षेत्र और अमेरिका में भी देखी जाएगी।
ग्रहण का समय (भारतीय समयानुसार)
🌑 ग्रहण प्रारंभ – शाम 3:20 बजे
🔴 पूर्णता (समग्रता) प्रारंभ – शाम 4:34 बजे
🔴 पूर्णता समाप्त – शाम 5:33 बजे
🌕 ग्रहण समाप्त – शाम 6:48 बजे
पूर्णता के दौरान चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की छाया में रहेगा और तांबे या लालिमा लिए हुए दिखाई दे सकता है, जिसे आम बोलचाल में “ब्लड मून” भी कहा जाता है।
अगला चंद्र ग्रहण कब?
भारत में दिखाई देने वाला अगला चंद्र ग्रहण 6 जुलाई, 2028 को होगा, जो आंशिक चंद्र ग्रहण रहेगा। इससे पहले 7-8 सितंबर, 2025 को पूर्ण चंद्र ग्रहण देखा गया था।
चंद्र ग्रहण क्यों लगता है?
चंद्र ग्रहण हमेशा पूर्णिमा के दिन होता है। जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा एक सीध में आ जाते हैं और पृथ्वी, सूर्य तथा चंद्रमा के बीच आकर अपनी छाया चंद्रमा पर डालती है, तब यह घटना घटित होती है।
पूर्ण चंद्र ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की गहरी छाया (उम्ब्रा) में प्रवेश कर जाता है।
आंशिक चंद्र ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा का केवल एक हिस्सा पृथ्वी की छाया में आता है।
यह खगोलीय घटना वैज्ञानिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण और आम लोगों के लिए रोमांचक होती है। मौसम साफ रहने पर देश के अधिकांश हिस्सों में लोग इस दुर्लभ नज़ारे का आनंद ले



