गैस की किल्लत पर महासमुंद में सियासत तेज, पार्षद विजय साव ने सीएम के दावे को बताया छलावा

महासमुंद(छत्तीसगढ़ उजाला)-छत्तीसगढ़ में रसोई गैस की किल्लत को लेकर राजनीति तेज हो गई है। एक ओर मुख्यमंत्री विष्णु देव सायं (Vishnu Deo Sai) ने प्रदेश में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक होने का दावा किया है, वहीं जमीनी हकीकत को लेकर कांग्रेस ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। महासमुंद के कांग्रेस पार्षद विजय साव ने मुख्यमंत्री के दावों को ‘छलावा’ बताते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला है।
पार्षद विजय साव ने कहा कि सरकारी आंकड़े और जमीनी सच्चाई में जमीन-आसमान का अंतर है। उनका कहना है कि जो लोग घंटों गैस एजेंसियों के बाहर कतार में खड़े हैं, वही असली स्थिति को समझ सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बुकिंग के कई दिनों बाद भी लोगों को गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है, जिससे आम जनता खासकर मध्यम और गरीब वर्ग को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इधर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जिला अधिकारियों को रसोई गैस की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और जनता किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दे। साथ ही कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की भी चेतावनी दी गई है।
वहीं पार्षद विजय साव का कहना है कि हाल ही में घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी से जनता पहले ही परेशान है। ऐसे में गैस की कमी ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। उन्होंने बताया कि कई उपभोक्ताओं को बुकिंग के बाद भी समय पर सिलेंडर नहीं मिल रहा है।
बताया जा रहा है कि जमाखोरी रोकने के लिए एक सिलेंडर लेने के बाद अगले सिलेंडर की बुकिंग के बीच 25 दिन का अंतर अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही कुछ स्थानों पर होटलों और रेस्टोरेंट्स को कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति पर भी रोक लगाए जाने की चर्चा है।
पार्षद विजय साव ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही गैस वितरण व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया और बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण नहीं हुआ, तो महासमुंद कांग्रेस सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होगी।




