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न्याय कागजों में,न्यायालय के आदेश भी बेअसर, जमीन भू-माफिया के कब्जे में: कोरिया की चौंकाने वाली हकीकत

कोरिया(बैकुंठपुर)-छत्तीसगढ़ उजाला
शहर में भू-माफिया का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। माननीय न्यायालयों के स्पष्ट आदेश, राजस्व विभाग की कार्यवाही और बार-बार कराए गए सीमांकन के बावजूद पीड़ित पक्षों को आज तक उनकी वैध भूमि पर कब्जा नहीं मिल सका है। ऐसा ही एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला जिला न्यायालय के सामने स्थित खरवत क्षेत्र से सामने आया है, जहाँ भू-माफिया द्वारा खुलेआम न्यायालय के आदेशों की अवहेलना की जा रही है।
खरवत क्षेत्र में दुलारसाय राजवाडे की भूमि खसरा नंबर 1299 पर कथित रूप से अवैध कब्जा कर लिया गया है। इस भूमि को लेकर दुलारसाय राजवाडे द्वारा सिविल न्यायालय में वाद प्रस्तुत किया गया था, जिसमें माननीय सिविल न्यायालय ने स्पष्ट रूप से उनके पक्ष में आदेश पारित किया। इसके बावजूद, वर्षों बीत जाने के बाद भी राजस्व विभाग उन्हें वास्तविक कब्जा दिलाने में असफल रहा है।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि कई बार राजस्व अमले द्वारा सीमांकन कराया गया, यहाँ तक कि राजा शूटिंग के माध्यम से भी माप-जोख की गई, लेकिन हर बार सीमांकन प्रक्रिया को प्रभावित किया गया। दुलारसाय राजवाडे का आरोप है कि राजा शूटिंग एजेंसी और भू-माफिया के बीच मिलीभगत के चलते सीमांकन को जानबूझकर गलत दिशा में मोड़ा गया, जिससे अवैध कब्जाधारियों को सीधा लाभ मिलता रहा और न्यायालय के आदेश केवल कागजों तक सीमित रह गए।
पीड़ित परिवार बीते लंबे समय से प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर है, लेकिन अब तक कोई ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है।
रामपुर में भी वही कहानी, यादव समाज की भूमि पर कब्जे का आरोप
इसी तरह का एक और गंभीर मामला रामपुर क्षेत्र से सामने आया है, जहाँ यादव समाज की भूमि पर भू-माफिया द्वारा अवैध कब्जा किए जाने का आरोप है। स्थानीय लोगों के अनुसार यह कब्जा किसी सामान्य व्यक्ति द्वारा नहीं, बल्कि शहर के एकमात्र उपाध्यक्ष के भाई द्वारा किया गया है।
इस मामले में भी माननीय न्यायालय और राजस्व न्यायालय द्वारा स्पष्ट आदेश पारित किए जा चुके हैं, बावजूद इसके आदेशों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। न तो कब्जा हटाया गया और न ही पीड़ित पक्ष को न्याय मिल सका।
न्यायालय के आदेशों की अवहेलना, प्रशासन की भूमिका पर सवाल
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब न्यायालय और राजस्व विभाग के आदेशों का भी पालन नहीं हो पा रहा है, तो आम आदमी आखिर किससे न्याय की उम्मीद करे। भू-माफिया इतने बेखौफ हो चुके हैं कि वे प्रशासनिक आदेशों को भी ठेंगा दिखा रहे हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन और राजस्व विभाग न्यायालय के आदेशों को जमीन पर उतार पाएंगे, या फिर भू-माफिया का यह खेल यूँ ही चलता रहेगा। पीड़ित परिवारों को अब भी न्याय का इंतजार है और प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो चुके

प्रशांत गौतम

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