शासकीय भूमि पर खुलेआम कब्ज़ा! मुख्य सड़क किनारे अवैध निर्माण, प्रशासन मौन—मिलीभगत के आरोप

बैकुंठपुर(छत्तीसगढ़ उजाला)
जिला मुख्यालय से सटे ग्राम रामपुर में कानून की खुलेआम धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। मुख्य सड़क किनारे स्थित खसरा नंबर 111/6 की शासकीय भूमि पर बिना किसी अनुमति पक्के मकान का अवैध निर्माण धड़ल्ले से जारी है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है।
सूत्रों और स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, उक्त भूमि शासकीय रिकॉर्ड में स्पष्ट रूप से दर्ज है। इसके बावजूद कुछ प्रभावशाली लोग निजी स्वार्थ के लिए इस पर कब्ज़ा कर निर्माण करा रहे हैं। निर्माण कार्य दिन-ब-दिन तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन राजस्व विभाग, पंचायत और नगर प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि यदि संबंधित विभाग समय रहते कार्रवाई चाहते, तो अब तक यह निर्माण रुक चुका होता। लेकिन कोई नोटिस नहीं, कोई सीलिंग नहीं, कोई कार्रवाई नहीं—जिससे यह आशंका गहराती जा रही है कि कहीं न कहीं अधिकारियों की मिलीभगत या गंभीर लापरवाही इस अवैध निर्माण को संरक्षण दे रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस मामले में तुरंत सख्ती नहीं दिखाई गई, तो यह खुला संदेश होगा कि शासकीय जमीन पर कब्ज़ा करना आसान है। इससे न सिर्फ सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचेगा, बल्कि मुख्य सड़क किनारे अव्यवस्थित निर्माण से यातायात, दुर्घटनाओं और जनसुरक्षा पर भी गंभीर खतरा मंडराएगा।
कानून साफ है—शासकीय भूमि पर बिना अनुमति निर्माण दंडनीय अपराध है। इसके बावजूद प्रशासन की निष्क्रियता पर आमजन में भारी आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन से तत्काल जांच, निर्माण रोकने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
अब बड़ा सवाल यह है—
👉 क्या जिला प्रशासन इस मामले में संज्ञान लेगा?
👉 क्या शासकीय भूमि को कब्ज़ामुक्त कराया जाएगा?
या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर, अवैध निर्माण को वैध बना देने की कहानी बन जाएगा?
नज़रें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।




