
रायपुर(छत्तीसगढ़ उजाला)-रायपुर संभागायुक्त श्री महादेव कावरे ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए ग्राम ओंकारबंद, तहसील बागबाहरा, जिला महासमुंद स्थित भूमि के लगभग 48 वर्ष पुराने नामांतरण को निरस्त कर दिया है। साथ ही मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित तहसीलदार को विस्तृत जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम ओंकारबंद स्थित 7.37 हेक्टेयर भूमि का नामांतरण क्रमांक 67, दिनांक 21 अप्रैल 1978 को किया गया था। यह नामांतरण रंभाबाई, बेवा रामचरण को निःसंतान दर्शाते हुए अन्य व्यक्तियों द्वारा अपने पक्ष में करा लिया गया था। जबकि वास्तविकता यह थी कि अपीलार्थी बुढ़ान सिंह, पिता स्वर्गीय गणेश (जाति गोंड़, आदिवासी) के दादा उदेराम उस समय जीवित थे और वे रंभाबाई के पुत्र थे।
इस प्रकरण में अपीलार्थियों द्वारा पहले अनुविभागीय अधिकारी के समक्ष प्रथम अपील प्रस्तुत की गई थी, जिसे निरस्त कर दिया गया। इसके पश्चात द्वितीय अपील रायपुर संभागायुक्त के न्यायालय में दायर की गई।
सभी तथ्यों, दस्तावेजों एवं अभिलेखों के गहन परीक्षण के पश्चात संभागायुक्त श्री कावरे ने उक्त नामांतरण को अवैध मानते हुए निरस्त करने का आदेश पारित किया। साथ ही उन्होंने तहसीलदार को निर्देशित किया कि प्रकरण की विधिवत जांच कर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
यह निर्णय प्रशासनिक स्तर पर पुराने और संदिग्ध नामांतरण मामलों में बड़ी मिसाल माना जा रहा है।




