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*जशपुर पुलिस लाइन का डीआईजी डॉ लाल उमेद सिंह ने किया निरीक्षण, परेड की सलामी ली*

छत्तीसगढ़ उजाला

जशपुर (छत्तीसगढ़ उजाला)। पुलिस प्रशासन को और अधिक अनुशासित, संवेदनशील एवं जनोन्मुखी बनाने की दिशा में जशपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (DIG) डॉ. लाल उमेद सिंह ने शुक्रवार को रक्षित केंद्र जशपुर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने न केवल परेड की सलामी ली, बल्कि पुलिसकर्मियों की कार्यशैली, अनुशासन, संसाधनों की स्थिति और उनकी समस्याओं को भी गंभीरता से सुना। निरीक्षण परेड में जशपुर पुलिस के कुल 134 अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए। डीआईजी डॉ. लाल उमेद सिंह ने परेड का गहन अवलोकन करते हुए पुलिस बल के टर्नआउट, अनुशासन और शारीरिक दक्षता की बारीकी से समीक्षा की। परेड में जिन पुलिसकर्मियों का टर्नआउट उत्कृष्ट पाया गया, उन्हें मौके पर ही पुरस्कृत कर प्रोत्साहित किया गया। डीआईजी ने कहा कि अनुशासन और बेहतर टर्नआउट पुलिस की पहचान है और इससे जनता में पुलिस के प्रति विश्वास मजबूत होता है।

परेड के उपरांत डीआईजी ने रक्षित केंद्र स्थित वाहन शाखा का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शासकीय वाहनों की स्थिति, रखरखाव, फिटनेस, लॉग बुक एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की। उन्होंने वाहन चालकों को निर्देशित किया कि सभी शासकीय वाहन हमेशा सुचारू अवस्था में रहें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में पुलिस को त्वरित कार्रवाई में कोई बाधा न आए। डीआईजी ने लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी तय करने के संकेत भी दिए। निरीक्षण के दौरान डीआईजी डॉ. लाल उमेद सिंह ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने पुलिसकर्मियों की व्यक्तिगत एवं विभागीय समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना। दरबार में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न समस्याएं और मांगें रखीं, जिन पर डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने गंभीरता से विचार करते हुए कई मामलों में तत्काल निराकरण के निर्देश दिए।

डीआईजी ने अपने संबोधन में संवेदनशील पुलिसिंग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस का व्यवहार जनता के प्रति मित्रवत, संवेदनशील और सहयोगात्मक होना चाहिए। आम नागरिकों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुनकर त्वरित समाधान निकालना पुलिस की जिम्मेदारी है। उन्होंने पुलिसकर्मियों से आह्वान किया कि वे कर्तव्य पालन के दौरान मानवीय दृष्टिकोण अपनाएं, जिससे कानून-व्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक सौहार्द भी बना रहे। इसके अलावा डीआईजी ने थानों, चौकियों, रक्षित केंद्रों, कार्यालयों और पुलिस परिसरों में उत्कृष्ट साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और व्यवस्थित कार्यस्थल से कार्यक्षमता बढ़ती है और पुलिस की छवि भी सकारात्मक बनती है।

डीआईजी डॉ. लाल उमेद सिंह ने पुलिसकर्मियों को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की भी सलाह दी। उन्होंने नियमित व्यायाम, शारीरिक फिटनेस, संतुलित आहार और नशे से दूर रहने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ पुलिसकर्मी ही बेहतर तरीके से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकता है। वर्तमान समय की आवश्यकता को देखते हुए डीआईजी ने कंप्यूटर ज्ञान और चार पहिया वाहनों की ड्राइविंग दक्षता पर भी बल दिया। उन्होंने बताया कि आधुनिक पुलिसिंग में तकनीकी ज्ञान अत्यंत आवश्यक है, जिसके लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। निरीक्षण के अंत में डीआईजी ने जशपुर पुलिस के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें और अधिक प्रोफेशनल, संवेदनशील और तकनीक-सक्षम बनने के लिए प्रेरित किया।

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