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TET के मुद्दे पर शिक्षक फेडरेशन का सरकार को दो टूक संदेश, कानूनी लड़ाई के साथ प्रदेशव्यापी आंदोलन की तैयारी

जी.पी.एम.(छत्तीसगढ़ उजाला)-शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर छत्तीसगढ़ के शिक्षकों में बढ़ते आक्रोश के बीच छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन ने शासन के सामने अपना पक्ष मजबूती से रखने की तैयारी कर ली है। फेडरेशन का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल आज प्रदेश के मुख्य सचिव, शिक्षा सचिव और लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) के अधिकारियों को विस्तृत प्रतिवेदन सौंपेगा।

फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी और संगठन सचिव आलोक शुक्ला ने कहा कि TET का मुद्दा केवल परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध हजारों शिक्षकों के सेवाकाल, सेवाशर्तों और सेवा सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। ऐसे में शासन को पूरे मामले पर कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए न्यायोचित निर्णय लेना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का अध्ययन कर तैयार किया प्रतिवेदन

फेडरेशन ने बताया कि संगठन की टीम ने सुप्रीम कोर्ट के 1 सितंबर 2025 और 29 मई 2026 के आदेशों का विस्तृत अध्ययन किया है। इसके अलावा शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) 2009, वर्ष 2017 से संबंधित प्रावधान, NCTE के दिशा-निर्देश तथा भर्ती और पदोन्नति नियमों से जुड़े दस्तावेजों का भी अध्ययन किया गया है।

इन्हीं कानूनी और प्रशासनिक दस्तावेजों के आधार पर प्रतिवेदन तैयार किया गया है, जिसे शासन के समक्ष प्रस्तुत कर शिक्षकों के हित में स्पष्ट समाधान की मांग की जाएगी।

फेडरेशन बोला—मामला कानूनी है, जवाब भी कानूनी तथ्यों से देंगे

फेडरेशन ने स्पष्ट किया है कि TET से जुड़ा विवाद गंभीर कानूनी विषय है और संगठन इसका जवाब भी कानूनी तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर देगा। संगठन का कहना है कि शिक्षकों के हितों को प्रभावित करने वाले किसी भी निर्णय पर तथ्यों और न्यायिक आदेशों के आधार पर विचार किया जाना चाहिए।

हालांकि, फेडरेशन ने यह भी संकेत दिया है कि यदि बातचीत और प्रतिवेदन के स्तर पर समाधान नहीं निकलता है तो संगठन आगे की रणनीति तय करेगा। इसके लिए कानूनी लड़ाई के साथ प्रदेशव्यापी शिक्षक एकजुटता और आंदोलन की तैयारी भी की जाएगी।

‘हमारा अस्तित्व-हमारा स्वाभिमान’ का दिया नारा

फेडरेशन ने प्रदेश के शिक्षकों को एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा कि शासकीय सेवकों में शिक्षकों की संख्या सबसे अधिक है और प्रदेश के किसी भी बड़े आंदोलन में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।

संगठन ने कहा कि वर्तमान परिस्थिति में शिक्षकों को अपने अधिकारों और सेवा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर एकजुट होकर आवाज उठाने की जरूरत है। इसी उद्देश्य से फेडरेशन ने ‘हमारा अस्तित्व-हमारा स्वाभिमान’ का नारा दिया है।

प्रदेशभर के शिक्षकों से संघर्ष के लिए तैयार रहने का आह्वान

शिक्षक फेडरेशन ने प्रदेश के शिक्षकों से “उठो, जागो और संघर्ष करो” का आह्वान किया है। संगठन ने कहा कि आने वाले दिनों में TET के मुद्दे पर शासन के साथ चर्चा, कानूनी पहल और आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन—तीनों स्तरों पर रणनीति के अनुसार कदम उठाए जाएंगे।

फिलहाल सौंपे जाने वाले प्रतिवेदन को इस पूरे विवाद में फेडरेशन की ओर से पहला बड़ा औपचारिक कदम माना जा रहा है। अब निगाहें शासन के रुख और शिक्षकों की मांगों पर होने वाली आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।

प्रशांत गौतम

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