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मोदी के जल संचय विजन को साय सरकार ने बनाया जनअभियान, छत्तीसगढ़ को लगातार दो साल राष्ट्रीय सम्मान , जल संचय जनभागीदारी में देश में प्रथम, भू-जल संरक्षण में द्वितीय स्थान, राष्ट्रपति के हाथों सचिव राजेश टोप्पो सम्मानित, सिद्दीकी को राज्य स्तर पर मिला पुरस्कार

रायपुर(छत्तीसगढ़ उजाला)-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जल संरक्षण को केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़े जनअभियान के रूप में आगे बढ़ाने का विजन दिया। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में इस विजन को धरातल पर उतारने के लिए जल संचय, भू-जल संरक्षण और सिंचाई विस्तार को प्राथमिकता दी गई। नतीजा यह रहा कि राज्य ने लगातार दो वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर जल संरक्षण के क्षेत्र में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। वर्ष 2025-26 में जल संचय एवं जनभागीदारी के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को देश में प्रथम स्थान मिला, जबकि वर्ष 2026-27 में भू-जल संरक्षण के क्षेत्र में राज्य ने द्वितीय स्थान हासिल किया। यह उपलब्धि जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने की दिशा में छत्तीसगढ़ में किए जा रहे प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान है।

इस उपलब्धि को राष्ट्रीय सम्मान भी मिला – राज्य में जल संरक्षण और भू-जल संवर्धन के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश टोप्पो को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों सम्मानित किया गया। यह सम्मान राज्य सरकार की नीति, विभागीय समन्वय और जल संरक्षण को प्राथमिकता देने के प्रयासों की राष्ट्रीय स्वीकृति के तौर पर देखा जा रहा है।

राष्ट्रीय उपलब्धि के पीछे मैदानी अमले की भूमिका 

राष्ट्रीय स्तर पर मिली इस उपलब्धि को धरातल तक पहुंचाने में विभाग के मैदानी अधिकारियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। इसी कड़ी में जल संसाधन एवं भू-जल सर्वेक्षण मंडल, रायपुर के अधीक्षण अभियंता आई.ए. सिद्दीकी का योगदान उल्लेखनीय रहा है। राज्य स्तरीय सहायक नोडल अधिकारी के रूप में उन्होंने जल संचय, जनभागीदारी और भू-जल संरक्षण से जुड़े कार्यों के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन कार्यों के लिए सिद्दीकी को राज्य स्तर पर पुरस्कृत भी किया गया है। उनके कार्यकाल में जल संरक्षण के साथ सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण और उन्हें जमीन पर उतारने का काम भी गति से आगे बढ़ा।

25 परियोजनाएं पूरी, 25 हजार हेक्टेयर में सिंचाई 

सिद्दीकी के कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों में करीब 25 छोटी-बड़ी सिंचाई परियोजनाओं का निर्माण कार्य पूरा होना शामिल है। इन परियोजनाओं के माध्यम से वर्तमान में लगभग 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हो रही है।

बिलासपुर संभाग की अरपा भैंसाझार परियोजना में पहली बार सिंचाई कार्य प्रारंभ होना भी इसी अवधि की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल है। वहीं गरियाबंद संभाग की प्रधानमंत्री की घोषणा से जुड़ी सिकासार कोडार लिंकिंग परियोजना को स्वीकृति दिलाने और उसकी निविदा प्रक्रिया पूर्ण कराने में भी सिद्दीकी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

विजन से परिणाम तक की कड़ी 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जल संचय और जनभागीदारी के विजन से शुरू हुई पहल को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने प्राथमिकता दी। सचिव राजेश टोप्पो के स्तर पर विभागीय नेतृत्व को राष्ट्रीय सम्मान मिला और मैदानी स्तर पर आई.ए. सिद्दीकी जैसे अधिकारियों ने योजनाओं और परियोजनाओं को जमीन पर उतारने में भूमिका निभाई।

यानी जल संरक्षण की इस उपलब्धि की पूरी तस्वीर विजन से शुरू होकर नीति, विभागीय नेतृत्व और मैदानी क्रियान्वयन तक पहुंचती है। यही वजह है कि छत्तीसगढ़ का लगातार दो वर्षों तक राष्ट्रीय स्तर पर जल संरक्षण के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि जल संचय, भू-जल संरक्षण और सिंचाई विस्तार को लेकर राज्य में चल रहे प्रयासों का परिणाम माना जा रहा है।

प्रशांत गौतम

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