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भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने दी श्रद्धांजलि…..

रायपुर: भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय श्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि अटल जी भारतीय राजनीति के ऐसे विराट व्यक्तित्व थे, जिन्होंने अपने विचारों, सिद्धांतों, संवेदनशील नेतृत्व और राष्ट्रहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने की भावना से सार्वजनिक जीवन में एक नई मिसाल कायम की। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा।

श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी का छत्तीसगढ़ से विशेष और आत्मीय संबंध रहा है। उनके दूरदर्शी नेतृत्व में 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ देश के नए राज्य के रूप में अस्तित्व में आया। छत्तीसगढ़ के गठन का निर्णय केवल प्रशासनिक पुनर्गठन नहीं था, बल्कि यह प्रदेश की जनता की आकांक्षाओं, पहचान और विकास की संभावनाओं को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक निर्णय था। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी भी छत्तीसगढ़ की रजत जयंती के अवसर पर अटल जी को राज्य के निर्माण की दूरदर्शी सोच वाला नेता बताते हुए उनके योगदान को स्मरण कर चुके हैं।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि अटल जी ने राजनीति में विचारों की गरिमा, संवाद की संस्कृति और लोकतांत्रिक मूल्यों को सर्वाेच्च स्थान दिया। वे अपनी प्रभावशाली वाणी के साथ-साथ सहज, सरल और संवेदनशील व्यक्तित्व के लिए भी सदैव याद किए जाते रहेंगे। उन्होंने राष्ट्रहित को राजनीति से ऊपर रखा और विभिन्न विचारधाराओं के लोगों के साथ संवाद एवं समन्वय की लोकतांत्रिक परंपरा को मजबूत किया।

उन्होंने कहा कि अटल जी का व्यक्तित्व केवल राजनीतिक नेतृत्व तक सीमित नहीं था। वे एक संवेदनशील कवि, प्रखर वक्ता और भारतीय संस्कृति एवं राष्ट्र चेतना के सजग प्रतिनिधि थे। उनके विचारों में देश की सांस्कृतिक विरासत के प्रति गहरा सम्मान और आधुनिक भारत के निर्माण की स्पष्ट दृष्टि दिखाई देती थी। उनकी सरकार के कार्यकाल में देश ने अधोसंरचना, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, परमाणु क्षमता और राष्ट्रीय सुरक्षा सहित अनेक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति की।

श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि अटल जी ने देश को विकास के साथ अपनी जड़ों और विरासत से जुड़े रहने का संदेश दिया। आज छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध लोककला, लोकसंस्कृति, जनजातीय परंपराओं, ऐतिहासिक धरोहरों और प्राकृतिक सौंदर्य को देश-दुनिया तक पहुंचाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में अटल जी की दूरदर्शिता और विकास के साथ विरासत को सम्मान देने की सोच विशेष रूप से प्रासंगिक है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के पर्यटन और संस्कृति के विकास के प्रयासों में भी अटल जी की उस सोच को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसमें प्रदेश की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक संपदा को विकास का आधार बनाया जा सकता है। राज्य की ऐतिहासिक धरोहरें, पुरातात्विक स्थल, जनजातीय संस्कृति, लोककलाएं, धार्मिक स्थल और प्राकृतिक पर्यटन केंद्र छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान हैं। इनके संरक्षण और संवर्धन के साथ पर्यटन को रोजगार और आर्थिक अवसरों से जोड़ना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी को वर्ष 2014 में देश के सर्वाेच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके राष्ट्र के प्रति आजीवन समर्पण और अतुलनीय योगदान का सम्मान है। अटल जी का जीवन हमें सिखाता है कि सार्वजनिक जीवन में सिद्धांत, संवेदनशीलता, राष्ट्रभक्ति और जनसेवा का महत्व सर्वाेपरि है। उनके आदर्शों को आत्मसात करते हुए हम सभी को छत्तीसगढ़ के विकास, समृद्धि और सांस्कृतिक गौरव को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प लेना चाहिए।

श्री अग्रवाल ने पुण्यतिथि पर श्रद्धेय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को नमन करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती और प्रदेश की जनता उनके ऐतिहासिक योगदान को सदैव कृतज्ञता के साथ स्मरण करती रहेगी। अटल जी ने जिस छत्तीसगढ़ की कल्पना की थी, उसे विकसित, समृद्ध, आत्मविश्वासी और अपनी संस्कृति एवं विरासत पर गर्व करने वाला प्रदेश बनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

News Desk

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