*मद्रासी होटल का खाना खाने वाले हो जाएं सावधान : मद्रासी होटल का लाइसेंस सस्पेंड, गंदी फ्रीज में रखा था एक साथ खाद्य पदार्थ*
छत्तीसगढ़ उजाला

बिलासपुर (छत्तीसगढ़ उजाला)। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में शुक्रवार को विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पुराना हाईकोर्ट के सामने स्थित प्रसिद्ध मद्रासी होटल (मद्रासी रेस्टोरेंट) का खाद्य लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यहां जांच में ढेरों कमियां मिली। गंदगी से पटे फ्रीज में एक ही साथ वेज-नानवेज रखा मिला। किचन में इतनी ज्यादा गंदगी थी कि सीधे तौर पर भोजन के नाम पर बीमारी परोसने का काम किया जा रहा था।
स्वच्छ भोजन मुहैया कराने के लिए शहर के बड़े होटल, रेस्टोरेंट को भी जांच के दायरे में लिया जा रहा है, जो बाहर से तो पूरी तरह से साफ, सुंदर और हाईजिन नजर आते है, लेकिन इनके किचन में प्रवेश करने से पता चलता है कि यहां किसी भी प्रकार से हाईजिन का पालन नहीं हो रहा है। गंदगी के बीच बने खाना परोसा जा रहा है। कुछ ऐसा ही पुराना हाईकोर्ट के सामने स्थित मद्रासी होटल में मिला। शुक्रवार को खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने होटल में दबिश दी। जहां रेस्टोरेंट तो सही मिला है। लेकिन अंदर गंदगी का अंबार मिला। इसको देखते हुए तत्काल लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई की गई।
होटल प्रबंधन सिर्फ मुनाफा कमाने का कर रहा था काम
जांच टीम जब मद्रासी होटल की रसोई में दाखिल हुई, तो वहां के हालात बेहद चौंकाने वाले थे। अधिकारियों के अनुसार, होटल प्रबंधन ग्राहकों की सेहत की कीमत पर मुनाफा कमाने में जुटा हुआ था। जांच के दौरान कई प्रमुख कमियां पाई गईं।
गंदगी का अंबारः रसोई घर में साफ-सफाई का अभाव था, फर्श और दीवारों पर चिकनाई व कचरा जमा हुआ था।
वेज और नानवेज का घालमेलः शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों को बिना किसी विभाजन या ढक्कन के एक ही फ्रीजर में एक साथ रखा गया था।
स्वास्थ्य नियमों की अनदेखी: खाना बनाने और परोसने वाले कर्मचारियों ने ग्लव्स (दस्ताने) और कैप तक नहीं पहने थे।
कीट नियंत्रण (पेस्ट कंट्रोल) नदारदः रसोई और भंडारण क्षेत्र में चूहों, काकरोच व अन्य कीटों की रोकथाम के लिए कोई पेस्ट कंट्रोल नहीं कराया गया था।
फ्रीजर की दुर्दशाः खाद्य सामग्री रखने वाले फ्रीजर अंदर से बेहद गंदे और बदबूदार पाए गए, जो सीधे तौर पर फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड एक्ट का उल्लंघन है।
होटलों में आम हैं ये खामियां, जिन पर नहीं दिया जाता ध्यान
अधिकांश रेस्टोरेंट और होटलों में नियमों को ताक पर रखकर काम किया जाता है। यदि औचक निरीक्षण किया जाए, तो लगभग हर दूसरी जगह यही स्थिति रहेगी। कई होटल संचालक फ्रिज में दो-तीन दिन पुराना बचा हुआ खाना और कटी हुई सब्जियां स्टोर रखते हैं, जिन्हें दोबारा गर्म कर ग्राहकों परोसा जाता है। स्वाद बढ़ाने के नाम पर एक ही तेल को बार-बार डीप फ्राई करने में उपयोग किया जाता है, जो कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों को दावत देता है। रसोई के पास कचरे के डिब्बे ढक्कन के बिना खुले रहते हैं, जिससे मक्खियां और बैक्टीरिया आसानी से खाने तक पहुंचते हैं। वहीं ग्राहकों को परोसे जाने वाले पानी की शुद्धता की नियमित जांच नहीं कराई जाती।
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने साफ कर दिया है कि यह कार्रवाई सिर्फ एक शुरुआत है। विभाग की यह विशेष टीम आने वाले दिनों में शहर के अन्य बड़े होटलों, ढाबों और रेस्टोरेंट की भी औचक जांच करेगी। यदि किसी भी प्रतिष्ठान में खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी या लापरवाही पाई गई, तो बिना किसी चेतावनी के सीधे ताले लगाने और भारी जुर्माने की कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने शहरवासियों से भी अपील की है कि वे अस्वच्छता दिखने पर इसकी शिकायत तुरंत विभाग से करें।
पुराना हाईकोर्ट के सामने स्थित मद्रासी होटल की रसोई में निरीक्षण के दौरान वेज और नानवेज एक साथ रखे मिले और साफ-सफाई पर बिल्कुल ध्यान नहीं रखा जा रहा था। जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल फर्म का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है।
आर.आर देवांगन, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग, बिलासपुर




