चुनाव में वादों की बारिश, जीत के बाद गांव से दूरी! पतगवा की बदहाल सड़क पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, सरपंच से लेकर विधायक तक पर सवाल
गौरैला-पेंड्रा-मरवाही-(छत्तीसगढ़ उजाला)-ग्राम पंचायत पतगवा में विकास के दावे आज भी जमीनी हकीकत से कोसों दूर नजर आते हैं। गांव के मुख्य मार्ग की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि बरसात के मौसम में पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। जगह-जगह गहरे गड्ढे, कीचड़ और जलभराव के कारण रोजाना ग्रामीण, स्कूली बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और मरीज जान जोखिम में डालकर आवागमन करने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में कई सरपंच बदले, लेकिन गांव की सबसे बड़ी समस्या आज भी जस की तस बनी हुई है। उनका कहना है कि चुनाव आते ही जनप्रतिनिधि घर-घर जाकर हाथ जोड़ते हैं, विकास के बड़े-बड़े वादे करते हैं और हर समस्या के समाधान का भरोसा दिलाते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद गांव की ओर मुड़कर भी नहीं देखते।
ग्रामीणों का दावा है कि विधानसभा चुनाव के दौरान वर्तमान विधायक भी पतगवा पहुंचे थे। उस समय उन्होंने सड़क सहित गांव की मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने का आश्वासन दिया था। लेकिन ग्रामीणों के अनुसार चुनाव जीतने के बाद विधायक न तो गांव की समस्याओं का जायजा लेने पहुंचे और न ही सड़क निर्माण को लेकर कोई ठोस पहल दिखाई दी। इससे लोगों में गहरी नाराजगी है।
बरसात में हालात और भी भयावह हो जाते हैं। सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाती है, दोपहिया वाहन फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं और कई बार मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के दशकों बाद भी यदि एक अच्छी सड़क नसीब नहीं हो रही है, तो विकास के दावों का कोई अर्थ नहीं रह जाता।
ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि पतगवा की मुख्य सड़क का तत्काल निर्माण कराया जाए। उनका कहना है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की होगी




