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गौरेला के सुदूर बैगा गांव आमाडोब में DEO रजनीश तिवारी की संवेदनशील पहल, जर्जर भवन छोड़ नए भवन में शुरू हुई पढ़ाई

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही(छत्तीसगढ़ उजाला)-बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गौरेला विकासखंड के सुदूर बैगा ग्राम पंचायत आमाडोब के छोटकी रेवार स्थित प्राथमिक शाला का जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि स्कूल का पुराना भवन पूरी तरह जर्जर एवं क्षतिग्रस्त हो चुका है, जहां अध्ययनरत 24 बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा था।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने तत्काल निर्णय लेते हुए सभी बच्चों को पुराने भवन से हटाकर सर्वसुविधायुक्त नए भवन में कक्षाएं संचालित कराने के निर्देश दिए। साथ ही जर्जर भवन को तत्काल सील कर उसमें प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना की आशंका न रहे।

नए भवन में पहुंचकर उन्होंने बिजली, पेयजल, शौचालय, बैठने की व्यवस्था एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का निरीक्षण किया और अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने बच्चों से संवाद कर उनकी पढ़ाई का स्तर जाना, स्कूल ड्रेस वितरित की तथा नियमित रूप से विद्यालय आने, मन लगाकर पढ़ाई करने और विद्यालय परिसर की स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी ने बच्चों के साथ “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत विद्यालय परिसर में पौधारोपण भी किया। उन्होंने बच्चों से इन पौधों की देखभाल करने और उन्हें अपने साथ-साथ बड़ा करने का संकल्प दिलाया।

बच्चों की पढ़ाई बिना किसी व्यवधान के जारी रहे, इसके लिए बीआरसी एवं संकुल समन्वयक को प्रतिदिन विद्यालय की मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए गए।

जिला शिक्षा अधिकारी की इस त्वरित पहल से बैगा आदिवासी गांव के पालकों और ग्रामीणों ने खुशी जताते हुए उनका एवं पूरी शिक्षा विभाग की टीम का आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने कहा कि अब उनके बच्चे सुरक्षित, स्वच्छ और बेहतर वातावरण में शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।

निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी के साथ बीआरसी संतोष सोनी, नोडल अधिकारी (साक्षरता) आलोक शुक्ला, संकुल समन्वयक तथा विद्यालय के शिक्षक उपस्थित रहे।

प्रशांत गौतम

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