राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर RSS का पहला बड़ा बयान, कहा— रामभक्तों की आस्था को पहुंची ठेस, दोषियों को मिले कठोर सजा
नई दिल्ली/अयोध्या(छत्तीसगढ़ उजाला)-राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले ने अब राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा राजनीतिक और धार्मिक स्वरूप ले लिया है। इस मामले पर पहली बार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने बयान जारी कर कहा कि रामलला मंदिर के दान पात्रों से कथित चोरी की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे करोड़ों रामभक्तों की आस्था व भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएं, उन्हें कानून के अनुसार कठोर सजा मिलनी चाहिए।
RSS ने अपने बयान में कहा कि राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि पीढ़ियों के संघर्ष, करोड़ों श्रद्धालुओं के समर्पण, त्याग और बलिदान का प्रतीक है। ऐसे पवित्र स्थल पर चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी पूरे हिंदू समाज के लिए पीड़ादायक है।
संघ ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करे तथा इस पूरे प्रकरण को सामान्य घटना न मानते हुए गंभीरता से देखा जाए। साथ ही मंदिर की वित्तीय व्यवस्था, सुरक्षा और प्रबंधन में यदि कोई कमियां हैं तो उन्हें तत्काल दूर किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास और आस्था बनी रहे।
भ्रम दूर करने की अपील
RSS ने कहा कि इस घटना के बाद समाज में कई तरह के सवाल और भ्रम की स्थिति पैदा हुई है। ऐसे में मंदिर प्रबंधन और SIT को पूरी पारदर्शिता के साथ जांच कर सच्चाई सामने लानी चाहिए। संघ ने भरोसा जताया कि बेहतर वित्तीय प्रबंधन और धार्मिक गरिमा बनाए रखने से श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत होगा।
विनय कटियार का बड़ा दावा
इस बीच बीजेपी नेता और बजरंग दल के संस्थापक विनय कटियार ने भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया धन के गबन के संकेत स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। कटियार ने दावा किया कि उन्होंने इस मामले पर प्रधानमंत्री से चर्चा की है और आने वाले समय में चंपत राय, गोपाल राव तथा अनिल मिश्रा के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई हो सकती है। (यह दावा विनय कटियार का है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।)
SIT की 8 घंटे तक मैराथन जांच
गुरुवार को SIT ने अयोध्या में करीब आठ घंटे तक विस्तृत जांच की। सूत्रों के अनुसार दोपहर 1:40 बजे से रात 8:30 बजे तक चली इस जांच के दौरान मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों से भी पूछताछ किए जाने की चर्चा है। IPS अधिकारी किरण एस की मौजूदगी में टीम ने मंदिर परिसर का निरीक्षण कर पूरे घटनाक्रम की बारीकी से पड़ताल की।
आरोपी अनुकल्प मिश्रा को लेकर बड़ा खुलासा
जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि आरोपी अनुकल्प मिश्रा के नाम पर मंदिर में “व्यवस्था कार्यकर्ता” के रूप में प्रवेश पास जारी किया जाता था। आरोप है कि विशेष आयोजनों के दौरान इसी पास के जरिए उन्हें मंदिर परिसर में प्रवेश मिलता था और चढ़ावे की राशि की गिनती की प्रक्रिया में भी उनकी भूमिका रहती थी। इन आरोपों की जांच SIT कर रही है।
टिन्नू यादव के भाई ने लगाए गंभीर आरोप
मामले के एक अन्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव के भाई दिनेश यादव पहली बार मीडिया के सामने आए। उन्होंने दावा किया कि उनका भाई निर्दोष है और बड़े पदाधिकारियों को बचाने के लिए उसे बलि का बकरा बनाया जा रहा है। उन्होंने चंपत राय और अनिल मिश्रा पर अपने भाई को फंसाने का आरोप लगाया।
अब सबकी नजर SIT जांच पर
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला अब केवल आपराधिक जांच तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा राष्ट्रीय मुद्दा बन चुका है। RSS के आधिकारिक बयान के बाद इस प्रकरण की गंभीरता और बढ़ गई है। अब पूरे देश की निगाहें SIT की जांच और सरकार की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।




