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महादेव ऐप में शामिल पुलिस अफसरों की चर्चा जोरों पर… सुशासन की सरकार में भी बरकरार अफसरों का जलवा!

रायपुर(छत्तीसगढ़ उजाला)-महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले की जांच एक बार फिर तेज हो गई है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने रविवार को छत्तीसगढ़ में कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व ओएसडी और अन्य संबंधित लोगों के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई की। इस कार्रवाई के बाद प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है।

CBI की टीम ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व ओएसडी आशीष वर्मा और मनीष बंछोर के निवास पर भी दबिश दी। वहीं जिन पुलिस अधिकारियों के यहां छापेमारी की गई, उनमें पुलिस महानिरीक्षक डॉ. आनंद छाबड़ा, आरिफ शेख, रायपुर के पूर्व एसएसपी प्रशांत अग्रवाल और अभिषेक पल्लव शामिल हैं।

इसके अलावा एडिशनल एसपी अभिषेक माहेश्वरी, संजय ध्रुव, टीआई गिरीश तिवारी, केपीएस स्कूल के संचालक निशांत त्रिपाठी, हवलदार संदीप दीक्षित और राधाकांत पांडेय के ठिकानों पर भी CBI की टीम ने छापेमारी की।

महादेव ऐप में शामिल पुलिस अफसरों की चर्चा जोरों पर… सुशासन की सरकार में भी बरकरार अफसरों का जलवा!

CBI की इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर महादेव ऐप मामले में नाम आने वाले पुलिस अधिकारियों की चर्चा तेज हो गई है। प्रदेश के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में इस बात को लेकर बहस छिड़ गई है कि जिन अधिकारियों के नाम इस मामले में पहले सामने आए थे, उनमें से कई लंबे समय तक महत्वपूर्ण पदों पर बने रहे। इसे लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठाता रहा है, जबकि जांच एजेंसियां अपने स्तर पर कार्रवाई कर रही हैं।

जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है

महादेव ऐप मामले में पहले भी कई अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आए थे। जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बावजूद अब तक कई ऐसे नाम हैं जिन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ताजा CBI कार्रवाई को इसी कड़ी में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि, किसी भी व्यक्ति की जिम्मेदारी या दोष का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।

सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी की खबर ने बढ़ाई हलचल

इस बीच महादेव ऐप के मुख्य संचालक सौरभ चंद्राकर की विदेश में गिरफ्तारी की खबर भी सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, उसे भारत लाने की प्रक्रिया तेज की जा रही है। माना जा रहा है कि भारत लाए जाने के बाद उससे पूछताछ में कई नए खुलासे हो सकते हैं और कई प्रभावशाली लोगों के नाम जांच के दायरे में आ सकते हैं।

आने वाले दिनों में हो सकते हैं बड़े खुलासे

महादेव ऐप मामले में CBI की ताजा छापेमारी के बाद यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि जांच अभी समाप्त नहीं हुई है। आने वाले दिनों में नए खुलासे, पूछताछ और संभावित कार्रवाई इस हाई-प्रोफाइल मामले को नया मोड़ दे सकती है। पूरे मामले पर प्रदेश की राजनीतिक और प्रशासनिक नजरें टिकी हुई हैं।

प्रशांत गौतम

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