गौरव पथ पर सरकारी जमीन पर बढ़ते कब्जों को लेकर उठे सवाल, ‘दिया तले अंधेरा’ जैसी स्थिति का आरोप
बिलासपुर(छत्तीसगढ़ उजाला)-शहर के गौरव पथ स्थित मिनी बस्ती और आसपास की शासकीय भूमि पर लगातार बढ़ते कब्जों को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि जहां एक ओर नगर निगम समय-समय पर झुग्गी-झोपड़ियों पर कार्रवाई करता है, वहीं दूसरी ओर प्रभावशाली और रसूखदार लोगों द्वारा किए जा रहे कथित अतिक्रमण पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।
स्थानीय लोगों का दावा है कि गौरव पथ से महाराणा प्रताप चौक तक की शासकीय भूमि पर वर्षों से कब्जे का दायरा बढ़ता जा रहा है। आरोप है कि पहले कांग्रेस शासनकाल के दौरान कुछ स्थानीय भू-माफियाओं ने राजनीतिक संरक्षण का लाभ उठाकर पुराने कब्जाधारियों से जमीन अपने कब्जे में ली। वहीं अब भाजपा शासनकाल में भी कुछ कथित सत्ता समर्थित सामाजिक नेताओं और ठेकेदारों के माध्यम से पुराने कब्जाधारियों को हटाने और नए कब्जों की प्रक्रिया जारी रहने की बातें सामने आ रही हैं।
लोगों का कहना है कि शहर के बीचों-बीच स्थित करोड़ों रुपये मूल्य की शासकीय भूमि पर यदि इस तरह कब्जे होते रहे तो भविष्य में यह सार्वजनिक संपत्ति पूरी तरह निजी हितों की भेंट चढ़ सकती है। उनका सवाल है कि जब नगर निगम, वार्ड पार्षद, नगर विधायक और जिम्मेदार जनप्रतिनिधि क्षेत्र की समस्याओं पर सक्रिय होने का दावा करते हैं, तब इस मामले में अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर निगम न तो इस क्षेत्र का नियमित निरीक्षण कर रहा है और न ही कथित अवैध कब्जों को रोकने के लिए कोई स्पष्ट अभियान दिखाई दे रहा है। इससे यह धारणा बन रही है कि प्रभावशाली लोगों के मामलों में प्रशासन की कार्रवाई कमजोर पड़ जाती है।
नागरिकों ने मांग की है कि गौरव पथ स्थित मिनी बस्ती से लेकर महाराणा प्रताप चौक तक शासकीय भूमि का राजस्व एवं नगर निगम की संयुक्त टीम से सर्वे कराया जाए। यदि कहीं भी अवैध कब्जा पाया जाता है तो राजनीतिक या सामाजिक प्रभाव से ऊपर उठकर निष्पक्ष कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी भूमि सुरक्षित रह सके।
नोट: इस खबर में उल्लेखित आरोप स्थानीय नागरिकों द्वारा लगाए गए हैं। संबंधित पक्षों और नगर निगम का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।




