बेसहारा बुजुर्गों की ‘बेटी-बहू’ बनीं पायल गुप्ता, अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर ‘नारी शक्ति सम्मान’ से सम्मानित

सूरजपुर/लखनपुर(छत्तीसगढ़ उजाला)
“जहाँ बुजुर्गों का सम्मान और महिलाओं का उत्थान होता है, वहीं समाज सच्चे मायनों में प्रगति करता है।” इसी भावना को अपने कार्यों से साकार कर रहीं तिलसुआ सूरजपुर स्थित वृद्धाश्रम की अधीक्षक श्रीमती पायल गुप्ता को उनके उत्कृष्ट सेवा कार्यों के लिए जिला प्रशासन द्वारा ‘नारी शक्ति सम्मान’ से सम्मानित किया गया।
छत्तीसगढ़ शबरी सेवा संस्थान, लखनपुर (जिला सरगुजा) द्वारा संचालित तिलसुआ वृद्धाश्रम में श्रीमती पायल गुप्ता लंबे समय से बेसहारा और जरूरतमंद बुजुर्गों की सेवा में समर्पित हैं। वे यहाँ रहने वाले बुजुर्गों के लिए केवल अधीक्षक ही नहीं, बल्कि एक बेटी और बहू की तरह उनकी देखभाल करती हैं। उनके इसी समर्पण और सेवा भाव को देखते हुए अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) के अवसर पर जिला प्रशासन ने उन्हें सम्मानित किया।
सम्मान समारोह में मिला प्रशस्ति पत्र
आयोजित सम्मान समारोह में मुख्य अतिथियों ने श्रीमती पायल गुप्ता को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान कर उनके कार्यों की सराहना की। अधिकारियों ने तिलसुआ वृद्धाश्रम में बुजुर्गों को उपलब्ध कराई जा रही पारिवारिक वातावरण जैसी सुविधाओं और श्रीमती गुप्ता के उत्कृष्ट प्रबंधन कौशल की विशेष प्रशंसा की।
क्षेत्र में खुशी की लहर
श्रीमती पायल गुप्ता को मिले इस सम्मान से सूरजपुर और सरगुजा जिले में हर्ष का माहौल है। छत्तीसगढ़ शबरी सेवा संस्थान के पदाधिकारियों और सदस्यों ने इसे पूरे संस्थान के लिए गौरव का विषय बताया। उनका कहना है कि श्रीमती गुप्ता का समर्पण और सेवा भावना समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके नेतृत्व में वृद्धाश्रम आज केवल एक आश्रय स्थल नहीं, बल्कि बुजुर्गों के लिए एक बड़े परिवार का रूप ले चुका है।
पायल गुप्ता ने जताया आभार
सम्मान मिलने पर श्रीमती पायल गुप्ता ने कहा,
“यह सम्मान उन सभी बुजुर्गों के आशीर्वाद का परिणाम है, जिनकी सेवा करने का सौभाग्य मुझे मिला है। जिला प्रशासन द्वारा मिला यह प्रोत्साहन मुझे समाज के वंचित और जरूरतमंद लोगों के लिए और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देता रहेगा।”




