प्रयागराज की पावन धरती पर पुस्तकों का लोकार्पण, साहित्यिक संगम में सजी काव्य की महफ़िल

जबलपुर/प्रयागराज। साहित्य और संस्कृति की पावन नगरी प्रयागराज में एक गरिमामयी साहित्यिक आयोजन के दौरान कवि संगम त्रिपाठी, संस्थापक प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा, जबलपुर (मध्यप्रदेश) के प्रयागराज प्रवास के अवसर पर कई महत्वपूर्ण कृतियों का लोकार्पण किया गया।
इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार श्याम फतनपुरी की चर्चित कृतियाँ “श्याम की गीतिकाएं” और “श्याम की मधुशाला” का लोकार्पण किया गया। साथ ही प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. सोमनाथ शुक्ल (प्रयागराज) के ग़ज़ल संग्रह “शाम तक लौटा नहीं” का भी विधिवत विमोचन हुआ।
कार्यक्रम में साहित्यकारों ने इन कृतियों की साहित्यिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसी रचनाएँ हिंदी साहित्य को नई दिशा और ऊर्जा प्रदान करती हैं।
इस गरिमामयी अवसर पर श्याम फतनपुरी, डॉ. सोमनाथ शुक्ल और विजय कुमार शुक्ल सहित कई साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे। सभी ने नवप्रकाशित पुस्तकों के माध्यम से हिंदी साहित्य के समृद्ध भविष्य की कामना की।




