
छत्तीसगढ़ उजाला-छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने प्रदेश की राजनीति में तूफान खड़ा कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक कोमल जंघेल के खिलाफ उनकी ही पार्टी की एक महिला नेत्री ने यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है।
यह पूरा मामला छुईखदान थाना क्षेत्र का है। पीड़िता की लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने आधिकारिक जांच शुरू कर दी है। मामला हाई-प्रोफाइल होने के कारण पुलिस प्रशासन बेहद सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई कर रहा है।
पहचान गोपनीय, जांच पर सबकी नजर
पीड़िता ने सामाजिक प्रतिष्ठा और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अपनी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखने का आग्रह किया है। पुलिस ने भी निष्पक्ष और कानूनसम्मत जांच का भरोसा दिलाया है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी तरह का राजनीतिक दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
राजनीति में मचा हड़कंप
जैसे ही मामला सार्वजनिक हुआ, खैरागढ़ से लेकर पूरे प्रदेश की सियासत गरमा गई। कांग्रेस ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं भाजपा खेमे में फिलहाल सन्नाटा पसरा हुआ है।
ऊंचा रहा है राजनीतिक कद
कोमल जंघेल का राजनीतिक करियर लंबा और प्रभावशाली रहा है। वे 2008 में खैरागढ़ विधानसभा से विधायक निर्वाचित हुए थे और पार्टी में मजबूत पकड़ रखते हैं। भाजपा ने अब तक उन्हें चार बार विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी बनाया।
2013 और 2018 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा
2018 में हार का अंतर मात्र 870 वोट रहा
2022 के खैरागढ़ उपचुनाव में भी वे कांग्रेस प्रत्याशी यशोदा वर्मा से चुनाव हार गए
आगे क्या?
अब पूरे प्रदेश की नजर इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच पर टिकी है। क्या आरोप साबित होंगे? क्या होगी राजनीतिक जिम्मेदारी तय?
फिलहाल, खैरागढ़ की इस घटना ने सत्ता और संगठन दोनों को असहज स्थिति में ला खड़ा किया है।




