*जिले में चार दिन में दो ज्वेलरी व्यापारियों से चार करोड़ रुपये से अधिक की लूट की घटना,* *डीजीपी गौतम ने कहा – पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं*
छत्तीसगढ़ उजाला

बिलासपुर (छत्तीसगढ़ उजाला)। जिले में चार दिनों के भीतर दो ज्वेलरी व्यापारियों से चार करोड़ रुपये से अधिक की लूट की घटनाओं के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। इसके चलते शनिवार सुबह अरुणदेव गौतम बिलासपुर पहुंचे।
इस दौरान उन्होंने आईजी कार्यालय में अधिकारियों की बैठक लेकर ज्वेलरी व्यापारियों से हुई सोने-चांदी के जेवरों की लूट की घटनाओं की जानकारी ली। साथ ही लूट या अन्य गंभीर घटनाओं के बाद नाकेबंदी व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं
उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। डीजीपी अरुणदेव गौतम ने राजपत्रित अधिकारियों की बैठक लेकर राजकिशोर नगर में ज्वेलरी व्यवसायी से हुई लूट के संबंध में विस्तृत जानकारी ली।
नाकेबंदी व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश
बैठक के दौरान उन्होंने घटना के बाद आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए की गई नाकेबंदी की समीक्षा की और गंभीर अपराध होने पर जिलेभर में नाकेबंदी व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस प्रकार की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए पुलिस की कार्यप्रणाली में सुधार करने को कहा।
चेकिंग तथा सूचना तंत्र को मजबूत करने पर विशेष जोर
साथ ही गश्त और पेट्रोलिंग बढ़ाने, संदिग्ध व्यक्तियों की जांच, होटल और लाज की नियमित चेकिंग तथा सूचना तंत्र को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। डीजीपी ने निर्देश दिए कि सराफा बाजार और बैंकों जैसे संवेदनशील स्थानों की नियमित जांच की जाए तथा सीसीटीवी और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी समय-समय पर समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि राजपत्रित अधिकारी थानों का पर्यवेक्षण समुचित गुणवत्ता और नियमितता के साथ करें।
ई-चालान व ई-साक्ष्य प्रणाली लागू करने पर जोर
समीक्षा बैठक में डीजीपी अरुणदेव गौतम ने अभियोजन संचालक माखनलाल पाण्डेय को विवेचना की गुणवत्ता सुधारने तथा ई-चालान और ई-साक्ष्य प्रणाली को न्यायालय और थानों के बेहतर समन्वय से शीघ्र लागू करने की व्यवस्था तैयार करने के निर्देश दिए।
फरियादियों की शिकायतें गंभीरता से सुनी जाए
डीजीपी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि थाने आने वाले फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना जाए। इसके लिए राजपत्रित अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा गया। अधिकारियों को थानों को अधिक संवेदनशील और जवाबदेह बनाने के निर्देश भी दिए गए।
डीजीपी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि थाने आने वाले फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना जाए। इसके लिए राजपत्रित अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा गया। अधिकारियों को थानों को अधिक संवेदनशील और जवाबदेह बनाने के निर्देश भी दिए गए।
एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया पर राजपत्रित अधिकारियों द्वारा प्रभावी पर्यवेक्षण सुनिश्चित करने को कहा गया। संदिग्ध मर्ग प्रकरणों की जांच सूक्ष्मता और गंभीरता से करने के निर्देश भी दिए गए।




