माघ मेले में सेवा और संस्कार का संगम: पं. गणेश प्रसाद मिश्र सेवा न्यास का 47वाँ निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर एवं स्वामी विवेकानंद जयंती कार्यक्रम भव्य रूप से संपन्न

शिकागो धर्म संसद के ऐतिहासिक भाषण की हुई व्याख्या, स्वामी शंकर्षणाचार्य जी महाराज को भावपूर्ण श्रद्धांजलि
माघ मेला प्रयागराज में स्वास्थ्य, सेवा और सनातन विचारों का त्रिवेणी संगम:सुशील कटियार
प्रयागराज। माघ मेले के पावन अवसर पर गंगा तट स्थित मेला क्षेत्र में पं. गणेश प्रसाद मिश्र सेवा न्यास द्वारा पं. गणेश प्रसाद मिश्र एवं श्रीमती शांति मिश्र की पुण्य स्मृति में 47वाँ निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर श्रद्धा, सेवा और सामाजिक दायित्व के भाव के साथ भव्य रूप से आयोजित किया गया। यह आयोजन आचार्य श्री पं. राहुल कृष्ण शास्त्री जी(वृंदावन धाम) एवं श्री घनश्याम जी महाराज के सानिध्य में संपन्न हुआ, जिससे कार्यक्रम को विशेष आध्यात्मिक गरिमा प्राप्त हुई।
कार्यक्रम का शुभारंभ न्यास के अध्यक्ष डॉ. राकेश मिश्र एवं पं. आशुतोष ब्रह्मचारी जी की गरिमामयी उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि माघ मेला केवल आस्था का पर्व नहीं, बल्कि सेवा, स्वास्थ्य और संस्कारों का भी सशक्त संगम है।
स्वास्थ्य शिविर में डॉ. एल. एस. ओझा एवं डॉ. शशांक ओझा के नेतृत्व में अनुभवी चिकित्सकों की टीम द्वारा श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों की नाक, कान एवं गला (ईएनटी), ब्लड प्रेशर एवं शुगर की निःशुल्क जांच की गई। जांच के उपरांत 250 मरीजों को आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया गया तथा निःशुल्क दवाइयों का वितरण भी किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया, जिससे आयोजन अत्यंत सफल एवं सराहनीय सिद्ध हुआ।
माघ मेला प्रयागराज में स्वास्थ्य, सेवा और सनातन विचारों का त्रिवेणी संगम:सुशील कटियार
इसी अवसर पर स्वामी विवेकानंद जयंती के उपलक्ष्य में एक विशेष वैचारिक सत्र का आयोजन किया गया। इस दौरान श्री दामोदर रामदासी जी ने वर्ष 1893 में शिकागो में आयोजित धर्म संसद में स्वामी विवेकानंद द्वारा दिए गए ऐतिहासिक भाषण की विस्तारपूर्वक व्याख्या की। उन्होंने कहा कि यह भाषण भारत की सनातन संस्कृति, वेदांत दर्शन, सार्वभौमिक भाईचारे और मानवता के संदेश का वैश्विक उद्घोष था, जिसने पूरे विश्व में भारत की आध्यात्मिक पहचान को सुदृढ़ किया। उन्होंने युवाओं से स्वामी विवेकानंद के विचारों को आत्मसात कर राष्ट्र एवं समाज सेवा में अग्रसर होने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान स्वामी शंकर्षणाचार्य जी महाराज को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। दिवंगत संत की स्मृति में उपस्थित जनसमूह द्वारा दो मिनट का मौन रखकर उनके आध्यात्मिक योगदान को नमन किया गया। यह क्षण कार्यक्रम का अत्यंत गंभीर, भावनात्मक एवं आध्यात्मिक पक्ष बनकर उभरा।
इनकी रही उपस्थिति:
कार्यक्रम में प्रशासनिक एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे, जिनमें श्री दामोदर रामदासी जी, श्री दयानंद जी (अपर मेला अधिकारी), श्री विवेक शुक्ला जी (उप मेला अधिकारी एवं श्री अभिनव पाठक जी (उप मेला अधिकारी) प्रमुख रहे। साथ ही श्री सुधांशु श्रीवास्तव जी (सेक्टर मजिस्ट्रेट) की विशेष उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया।



सामाजिक संगठनों की सहभागिता भी उल्लेखनीय रही। इस अवसर पर श्री सुशील कटियार जी, ज़ोनल चेयरमैन, इंडियन एमेच्योर बॉक्सिंग (मध्य क्षेत्र) ने कहा कि ऐसे सेवा शिविर समाज में सकारात्मक चेतना का संचार करते हैं और जनस्वास्थ्य के साथ-साथ सामाजिक समरसता को भी सुदृढ़ करते हैं। उनके साथ राजेश शुक्ला जी (जिलाध्यक्ष, यमुनापार प्रयागराज) सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त रमेश ओझा जी, सत्यम शुक्ला जी, राजन शुक्ला जी, दिलीप चौरसिया जी, विवेक श्रीवास्तव जी, गणेश श्रीवास्तव जी, पुष्पेंद्र सिंह कुशवाहा जी, रिपुंजय पांडेय जी, विजय कुमार मिश्र जी, गुड़िया सिंह जी, कृष्णा केशवानी जी, गोपाल पाण्डेय जी, अखिलेश मिश्र जी, कुश श्रीवास्तव जी, राजेश पांडेय जी एवं पिंटू अग्रवाल जी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के अंत में पं. गणेश प्रसाद मिश्र सेवा न्यास के अध्यक्ष डॉ. राकेश मिश्र ने सभी चिकित्सकों, संतजनों, अतिथियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि न्यास भविष्य में भी जनसेवा, स्वास्थ्य जागरूकता एवं सांस्कृतिक चेतना से जुड़े ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित करता रहेगा।
माघ मेले में आयोजित यह 47वाँ निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर एवं स्वामी विवेकानंद जयंती कार्यक्रम श्रद्धालुओं के लिए स्वास्थ्य सेवा एवं वैचारिक प्रेरणा—दोनों दृष्टियों से एक महत्वपूर्ण, प्रेरणादायी और स्मरणीय आयोजन सिद्ध हुआ।



