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बड़ी खबर : स्कूलों के आसपास बढ़ते कुत्तों के खतरे पर हाईकोर्ट सख्त, लोक शिक्षा संचालनालय ने 24 घंटे में रिपोर्ट का आदेश दिया


रायपुर, 21 नवम्बर 2025।
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय द्वारा Suo Motu Writ Petition No. 05/2025 में उठाए गए मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए लोक शिक्षा संचालनालय, छत्तीसगढ़ ने राज्यभर के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, संकुल समन्वयकों और ग्राम पंचायत/नगर निकायों को स्कूलों के आसपास घूम रहे आवारा कुत्तों पर तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश जारी किया है। यह आदेश पशुपालन विभाग के पत्र (क्रमांक E-166671 एवं 153108La2-42/1802/2025/1724 दिनांक 13.11.2025) के आधार पर जारी हुआ है।

आदेश के मुख्य बिंदु

✔ स्कूलों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

सभी प्रधान पाठकों और शिक्षकों को निर्देशित किया गया है कि स्कूल परिसर या आसपास आवारा कुत्ते दिखने पर तुरंत ग्राम पंचायत/जनपद पंचायत/नगर निकाय के नोडल अधिकारी को सूचना दें।


✔ पंचायत व शिक्षा विभाग की संयुक्त कार्रवाई

ग्रामीण व शहरी निकायों को आदेश है कि वे कुत्तों के प्रवेश रोकने के लिए अवरोधक उपाय,

कुत्तों को पकड़ने की कार्रवाई,

और तत्काल स्थल निरीक्षण सुनिश्चित करें।


✔ काटने की घटना पर सख्त प्रोटोकॉल

यदि किसी बच्चे को कुत्ता काटता है, तो संबंधित स्कूल को बच्चे को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजना अनिवार्य होगा।

देरी को गंभीर लापरवाही माना जाएगा।


✔ अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी

संचालनालय ने कहा है कि आदेश का पालन प्रत्येक जिले की जिम्मेदारी है।

किसी भी प्रकार की ढिलाई पर विभागीय कार्रवाई तय होगी।


हाईकोर्ट क्यों हुआ सख्त?

हाल के महीनों में प्रदेश के कई जिलों में स्कूल जाने वाले बच्चों पर आवारा कुत्तों के हमले बढ़े,निकायों और शिक्षा विभाग की निष्क्रियता उजागर हुई,
जिसे देखते हुए उच्च न्यायालय ने स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा था।
इसी के बाद विभागों को आदेश की प्रतिलिपि भेजी गई है, जिसमें

सभी जिला शिक्षा अधिकारी,

संकुल शिक्षा अधिकारी,

स्कूल शिक्षा विभाग और

पशुधन विभाग के सचिव भी शामिल हैं।

प्रशांत गौतम

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