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*नशे का ज़हर बेचने वाले को न्यायालय ने सुनाई दस वर्ष की सजा, एक लाख जुर्माना नहीं भरने पर अतिरिक्त कारावास*

छत्तीसगढ़ उजाला

 

बिलासपुर (छत्तीसगढ़ उजाला)। कोतवाली थाना क्षेत्र में नशीले इंजेक्शन की तस्करी करने आए एक युवक को अदालत ने कड़ी सजा सुनाई है। विशेष न्यायालय ने आरोपित को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि दोषी जुर्माने की राशि जमा नहीं करता है, तो उसे चार माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

कोतवाली पुलिस को तीन सितंबर 2025 की शाम सूचना मिली थी कि रायपुर से आया एक व्यक्ति ज्वाली नाला रोड स्थित नाले के पास प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शन बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई की। टीम ने बताए गए स्थान पर दबिश दी और संदिग्ध युवक को घेराबंदी कर पकड़ लिया। पकड़े गए युवक की पहचान गौरेला के मंगली बाजार निवासी 32 वर्षीय अरमान अख्तर के रूप में हुई। पूछताछ में सामने आया कि वह रायपुर के पचपेड़ी नाका क्षेत्र में रहकर नशीली दवाओं की बिक्री और आपूर्ति का काम करता था। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शन बरामद किए गए। बरामदगी के बाद पुलिस ने उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया और आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की।

कोर्ट ने पाया दोषी: पुलिस ने आरोपित के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया। प्रकरण की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पुष्पलता मारकंडे की अदालत में हुईसुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से दलीलें प्रस्तुत की गईं। शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक संजय नामदेव ने पक्ष रखा और मामले के तथ्यों एवं साक्ष्यों को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और प्रस्तुत साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने आरोपित को दोषी पाया।

राशि जमा नहीं तो अतिरिक्त कारावास

न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि प्रतिबंधित नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री समाज के लिए गंभीर खतरा है, इसलिए ऐसे मामलों में सख्त दंड आवश्यक है। इसके बाद अदालत ने युवक को 10 वर्ष के कारावास और एक लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि यदि दोषी निर्धारित समय सीमा में जुर्माने की राशि जमा नहीं करता है, तो उसे चार माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

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