
भारतीय दूतावास, सैन फ्रांसिस्को में NACHA बे एरिया चैप्टर की शानदार पहल, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी बधाई
रायपुर(छत्तीसगढ़ उजाला)
छत्तीसगढ़ की समृद्ध परंपरा और लोकसंस्कृति की गूंज इस बार अमेरिका की धरती पर सुनाई दी। भारतीय दूतावास, सैन फ्रांसिस्को में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस समारोह ने विदेश में बसे छत्तीसगढ़वासियों के दिलों में गर्व और अपनापन भर दिया।
इस अवसर पर North America Chhattisgarh Association (NACHA) के बे एरिया चैप्टर ने न केवल सक्रिय भागीदारी की, बल्कि राज्य की संस्कृति को वैश्विक मंच पर स्थापित करने में एक सशक्त भूमिका निभाई।
🎨 आकर्षण का केंद्र बना छत्तीसगढ़ का विशेष स्टॉल
कार्यक्रम में NACHA द्वारा लगाया गया छत्तीसगढ़ थीम आधारित स्टॉल सभी के आकर्षण का केंद्र रहा।
इस स्टॉल में राज्य के पारंपरिक हस्तशिल्प, लोककला, बांस-लोहे के उत्पाद, और पारंपरिक आभूषणों का मनमोहक प्रदर्शन किया गया।
भारतीय प्रवासी समुदाय के साथ-साथ विभिन्न देशों से आए अतिथियों ने छत्तीसगढ़ की कलाओं की विविधता और सौंदर्य की खुलकर सराहना की। यह स्टॉल वास्तव में राज्य की “माटी की खुशबू” और उसकी अद्वितीय पहचान का प्रतीक बन गया।
💃 लोकनृत्य की प्रस्तुति ने बांधा समा
कार्यक्रम की विशेष आकर्षण रही छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य की प्रस्तुति — पारंपरिक वेशभूषा में सजे कलाकारों ने जब मंच संभाला, तो दर्शक मंत्रमुग्ध रह गए।
इस नृत्य ने न केवल उपस्थित लोगों का मनोरंजन किया, बल्कि विदेश में रह रहे छत्तीसगढ़वासियों को अपनी जड़ों से भावनात्मक रूप से जोड़ दिया।
हर थिरकन में छत्तीसगढ़ की संस्कृति की आत्मा झलकती रही।
🗣️ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की सराहना — कहा “प्रवासी छत्तीसगढ़वासी हैं सांस्कृतिक राजदूत”
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस पहल की प्रशंसा करते हुए NACHA बे एरिया चैप्टर के सदस्यों को हार्दिक बधाई दी।
उन्होंने कहा —
> “प्रवासी छत्तीसगढ़वासी राज्य के ‘सांस्कृतिक राजदूत’ हैं। वे अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए छत्तीसगढ़ की अस्मिता, संस्कृति और मूल्यों को पूरी दुनिया में स्थापित कर रहे हैं। यह गर्व का विषय है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन छत्तीसगढ़ की गौरवशाली परंपराओं को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की दिशा में प्रेरणादायक कदम हैं।
🌿 NACHA का उद्देश्य — दुनिया तक पहुँचाना छत्तीसगढ़ की पहचान
NACHA के सदस्यों ने बताया कि उनका प्रमुख उद्देश्य छत्तीसगढ़ की भाषा, संस्कृति, लोक परंपरा और कला को विश्व के कोने-कोने तक पहुँचाना है।
ऐसे आयोजन उन्हें अपने प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए सशक्त मंच प्रदान करते हैं, जिससे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत हो रही है।
🇮🇳 यह आयोजन साबित करता है कि छत्तीसगढ़ सिर्फ एक राज्य नहीं, बल्कि एक जीवंत संस्कृति है — जो सीमाओं को पार कर पूरी दुनिया में अपनी छाप छोड़ रही है।




