
रायपुर(छत्तीसगढ़ उजाला)-देशभर में हाई अलर्ट के बीच राजधानी रायपुर में सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी लापरवाही सामने आई है। ग्रेट ईस्टर्न मार्ग स्थित एनआईटी कॉलेज रोड पर बीती रात से एक ढंकी हुई बिना नंबर की संदिग्ध कार खड़ी है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, कुछ संदिग्ध व्यक्ति कार को ढंकने के बाद दूसरी गाड़ी से वहाँ से रवाना हो गए, जिसकी नंबर प्लेट स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह संदिग्ध कार सरस्वती नगर थाने से महज 100 मीटर की दूरी पर, माँ दक्षिण काली मंदिर के पास खड़ी है। बावजूद इसके, अब तक पुलिस की कोई सक्रिय कार्रवाई नहीं हुई है।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब दिल्ली में हाल ही में हुए कार ब्लास्ट के बाद देशभर की सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद रायपुर जैसे संवेदनशील शहर में इस तरह की लापरवाही गंभीर सवाल खड़े करती है।
स्थानीय नागरिकों ने बताया, “रात में जब हमने पहली बार पुलिस को जानकारी दी, तो किसी ने ध्यान नहीं दिया। सुबह फिर कॉल किया गया, लेकिन अब तक न कोई अधिकारी पहुँचा और न ही कार की जांच हुई।”
इलाके में भय और अफवाहों का माहौल फैल गया है, लोग अब संदिग्ध गाड़ी के पास जाने से भी डर रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, एनआईटी रोड रायपुर का संवेदनशील और अत्यधिक व्यस्त क्षेत्र है, जहाँ देर रात तक छात्रों और कर्मचारियों की आवाजाही रहती है। ऐसे में एक ढंकी हुई बिना नंबर की गाड़ी का घंटों तक खड़ा रहना किसी भी संभावित खतरे की ओर इशारा करता है।
पुलिस की चुप्पी पर उठे सवाल
खास बात यह है कि रातभर पुलिस पेट्रोलिंग वाहन कई बार इसी मार्ग से गुजरे, लेकिन किसी ने इस संदिग्ध कार पर ध्यान नहीं दिया।
जब छत्तीसगढ़ उजाला की टीम ने इस पूरे मामले में पुलिस अधीक्षक लाल उमेंद सिंह से बात की, तो उन्होंने कहा, “मैं इस मामले को दिखवाता हूँ।”
हालांकि खबर लिखे जाने तक मौके पर पुलिस की कोई कार्रवाई नहीं हुई है, न ही वाहन को थाने ले जाया गया है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि राजधानी में इस तरह की लापरवाही किसी बड़े हादसे को जन्म दे सकती है।
लोगों की मांग है कि पुलिस तत्काल मौके पर पहुँचकर वाहन की जांच करे, आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, और यह पता लगाए कि यह गाड़ी किसकी है और किसने इसे यहाँ छोड़ा।
> अगर हाई अलर्ट के बीच राजधानी की सड़कों पर बिना नंबर की गाड़ियाँ इस तरह खड़ी रह जाएँ, तो यह सिर्फ लापरवाही नहीं — बल्कि सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर नाकामी है।




