*डीजे के कंपन से गिरा था छज्जा हुई थी एक की मौत, हाइकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए कलेक्टर से मांगा जवाब*
छत्तीसगढ़ उजाला

बिलासपुर (छत्तीसगढ़ उजाला)। डीजे संचालक की लापरवाही से मकान का छज्जा गिरने से एक बच्चे की मौत के मामले की गंभीरता को देखते हुए हाइकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए कलेक्टर से व्यक्तिगत शपथपत्र में जवाब मांगा है। चीफ जस्टिस की बेंच ने मामले को स्वत: संज्ञान में लेकर जनहित याचिका के रूप में सुनवाई प्रारंभ की है।
बुधवार को चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की डीबी में शासन की ओर से महाधिवक्ता ने जवाब पेश कर कहा कि मीडिया रिपोर्ट में मकान का छज्जा डीजे की आवाज से गिरा है या अन्य कारणों से..? महाधिवक्ता प्रफुल्ल एन भारत ने इस मामले में बताया कि डीजे की तेज आवाज से छज्जा नहीं गिरा है।
डीजे वाहन का हिस्सा मकान से टकराया है। इस मामले में मकान मालिक ने इसकी रिपोर्ट लिखाई है। पुलिस ने वाहन चालक व डीजे संचालक को हिरासत में लेकर 15 दिन के लिए रिमांड में लिया है। इसके अलावा ध्वनि प्रदूषण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। शासन के जवाब पर कोर्ट ने कलेक्टर बिलासपुर को व्यक्तिगत हलफनामा पेश करने का आदेश दिया है। 15 अप्रैल को मामले में सुनवाई होगी।
मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि दरअसल 30 मार्च को बिलासपुर जिले के मस्तूरी क्षेत्र अंतर्गत मल्हार चौकी क्षेत्र के केंवटपारा में डीजे की तेज आवाज से आसपास के लोग परेशान हो गये। साथ ही डीजे की तेज आवाज से कंपन होने लगी। एक मकान का छज्जा कमजोर था, जो गिर गया। वहीं पास खड़े 10 लोग इस घटना के शिकार हो गए थे। इन सबमें गंभीर 11 वर्षीय प्रशांत केंवट था, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।