मुंगेली

*राशन दुकानों में चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 4 आरोपी गिरफ्तार, 200 कट्टी चावल, 16 कट्टी शक्कर सहित करीब 10 लाख का सामान बरामद*

छत्तीसगढ़ उजाला

बिलासपुर/मुंगेली (छत्तीसगढ़ उजाला)। शासकीय उचित मूल्य की दुकानों को निशाना बनाकर चावल और शक्कर चोरी करने वाले गिरोह का मुंगेली पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपियों के कब्जे एवं निशानदेही से 200 कट्टी चावल करीब 100 क्विंटल, 16 कट्टी शक्कर, बिक्री की नगदी 24 हजार रुपये सहित करीब 10 लाख रुपये की संपत्ति बरामद की गई है।

पुलिस के अनुसार, पथरिया थाना क्षेत्र के बेलखुरी और कलारजेवरा तथा सिटी कोतवाली क्षेत्र के पालचुवा स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकानों में 5 से 7 अगस्त के बीच चोरी की घटनाएं हुई थीं। तीनों मामलों में पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देशन में संपत्ति संबंधी अपराधों के आरोपियों की धरपकड़ और चोरी गए माल की बरामदगी के लिए विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने ग्राम बावली निवासी खिलेश कौशिक को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर राशन दुकानों में चोरी करने की बात स्वीकार की। गिरफ्तार आरोपियों में खिलेश कौशिक (22), राजु श्रीवास (20), महेन्द्र निषाद (21), तीनों निवासी ग्राम बावली तथा बंटी उर्फ रवि पाहूजा (50), निवासी जुनापारा, बिलासपुर शामिल हैं। मामले के अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस ने आरोपियों से 200 कट्टी चावल, 16 कट्टी शक्कर, 24 हजार रुपये नगद, पिकअप वाहन क्रमांक सीजी 28 क्यू 3669, 83 प्लास्टिक बोरियां, चाकू, प्लास्टिक सुतली, सूजा, लोहे का सब्बलनुमा रॉड और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

अन्य जिलों में भी चोरी के मिले सुराग पूछताछ में आरोपियों ने मुंगेली जिले के अलावा मारो चौकी क्षेत्र के पुटपुरा और सिरगिट्टी क्षेत्र के सिलपहरी स्थित राशन दुकानों में भी चोरी की वारदातों में संलिप्तता की जानकारी दी है। इसके अलावा लोरमी क्षेत्र में डीएपी खाद और ग्राम कोकही के एक फार्म हाउस से कीटनाशक चोरी करने की बात भी सामने आई है। पुलिस इन मामलों की भी जांच कर रही है।

राशन दुकानों पर होने वाले घोटाले सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत गरीबों को मिलने वाले अनाज की कालाबाजारी और धोखाधड़ी से जुड़े होते हैं। इस तरह की गड़बड़ियों में राशन दुकान संचालक, डीलर या बिचौलिए पात्र लाभार्थियों के हक का राशन खुले बाजार में बेचकर अवैध मुनाफा कमाते हैं। हाल ही में अगस्त 2026 में छत्तीसगढ़ के रायपुर (सेरीखेड़ी) में 1225 क्विंटल सरकारी चावल के गबन का बड़ा मामला सामने आया था, जिसके बाद दुकान संचालकों पर एफआईआर दर्ज की गई है। राशन दुकान घोटालों के मुख्य तरीके कम राशन देना: कार्डधारकों को उनके निर्धारित कोटे (जैसे 35 किलो) से बहुत कम अनाज (जैसे 20 किलो) दिया जाता है और रिकॉर्ड में पूरा दर्ज कर दिया जाता है। मृतकों या फर्जी नामों पर राशन: कई मामलों में मृत व्यक्तियों या फर्जी राशन कार्डों के नाम पर लगातार महीनों तक राशन निकाला जाता है। स्टॉक में हेराफेरी (कालाबाजारी): सरकारी गोदाम से आए गेहूं और चावल को दुकान से गायब कर निजी व्यापारियों या मिलों को बेच दिया जाता है।

अंगूठा लगवाकर राशन न देना: ई-पॉस (e-POS) मशीन पर लाभार्थियों का फिंगरप्रिंट या अंगूठा लगवा लिया जाता है, लेकिन सर्वर एरर या अन्य बहाने बनाकर उन्हें अनाज नहीं दिया जाता।

राशन घोटाले की शिकायत कहाँ और कैसे करें?

यदि आपके क्षेत्र की राशन दुकान में ऐसी कोई धांधली हो रही है, तो आप नीचे दिए गए तरीकों से इसकी शिकायत दर्ज करा सकते हैं: राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (NCH): आप टोल-फ्री नंबर 1967 या 14445 पर कॉल करके सीधे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

राज्य खाद्य विभाग के पोर्टल पर: हर राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (जैसे छत्तीसगढ़ के लिए खाद्य विभाग पोर्टल) पर ऑनलाइन शिकायत (Grievance Redressal) दर्ज करने की सुविधा होती है।लिखित शिकायत: आप अपने जिले के खाद्य निरीक्षक (Food Inspector), जिला खाद्य अधिकारी (DFO) या एसडीएम (SDM) कार्यालय में जाकर लिखित आवेदन दे सकते हैं।

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