बृजमोहन अग्रवाल–अमित कटारिया विवाद में नया ट्विस्ट! पूर्व सांसद जयश्री बनर्जी ने लोकसभा अध्यक्ष को लिखा पत्र, स्वतंत्र जांच की मांग
108 एंबुलेंस टेंडर में कथित अनियमितता का मुद्दा भी उठाया; आरोप सही पाए जाने पर अधिकारी पर कार्रवाई की मांग
रायपुर(छत्तीसगढ़ उजाला)-रायपुर से भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल और छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य सचिव IAS अमित कटारिया के बीच चल रहा विवाद अब नया मोड़ लेता नजर आ रहा है। मध्यप्रदेश की पूर्व सांसद और पूर्व कैबिनेट मंत्री जयश्री बनर्जी ने इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए 5 अगस्त 2026 को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र भेजकर पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
जयश्री बनर्जी ने अपने पत्र में कहा है कि मीडिया रिपोर्टों के माध्यम से उन्हें रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल की ओर से IAS अमित कटारिया के खिलाफ की गई शिकायत की जानकारी मिली। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से सांसद की शिकायत का संज्ञान लेने और लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह किया है।
पूर्व सांसद का कहना है कि यदि जांच में किसी तरह की अनियमितता या भ्रष्टाचार के आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
108 एंबुलेंस टेंडर को लेकर भी उठाए सवाल
जयश्री बनर्जी ने अपने पत्र में अमित कटारिया के स्वास्थ्य विभाग में कार्यकाल के दौरान हुए 108 एंबुलेंस सेवा के टेंडर का मुद्दा भी उठाया है। उन्होंने टेंडर प्रक्रिया में कथित तौर पर नियमों की अनदेखी और अनियमितताओं के आरोपों की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि 108 एंबुलेंस सेवा सीधे आम लोगों की स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी हुई है। ऐसे में इसकी टेंडर प्रक्रिया को लेकर सामने आए किसी भी अनियमितता या भ्रष्टाचार के आरोप गंभीर हैं और इनकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
बताया जा रहा है कि पूरे मामले की शुरुआत 20 मई 2026 को हुई। बृजमोहन अग्रवाल का आरोप है कि स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया से फोन पर बातचीत के दौरान अधिकारी ने कथित तौर पर उनसे कहा—“जो करना है कर लो।”
सांसद के मुताबिक, जनहित से जुड़े उनके कई पत्रों और स्मरण पत्रों का लंबे समय से जवाब नहीं दिया जा रहा था। इसी के बाद 21 मई 2026 को बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को शिकायत भेजी।
सांसद ने अधिकारी के कथित व्यवहार को जनप्रतिनिधि के विशेषाधिकार और केंद्र सरकार के प्रोटोकॉल से जोड़ते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की थी।
बृजमोहन अग्रवाल की शिकायत के आधार पर मामले में मुख्य रूप से ये मांगें सामने आई हैं—
सांसद की शिकायत का संज्ञान लिया जाए।
IAS अमित कटारिया के खिलाफ लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए।
जांच में यदि अनियमितता या भ्रष्टाचार साबित होता है तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
जनप्रतिनिधियों की गरिमा और लोकतांत्रिक संस्थाओं के सम्मान की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
लोकसभा सचिवालय ने भी मांगी तथ्यात्मक जानकारी
मामले में लोकसभा सचिवालय की ओर से संबंधित स्तर पर तथ्यात्मक जानकारी मांगे जाने की बात सामने आई है। इसके बाद विवाद और गंभीर हो गया है और अब पूरे मामले में आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
विवाद सामने आने के बाद इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस नेता सुशील आनंद शुक्ला ने मुद्दे को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है।
वहीं, उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों का सम्मान करते हुए उनकी बातों को गंभीरता से लेना चाहिए।
अब पूर्व सांसद जयश्री बनर्जी के लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखने और 108 एंबुलेंस टेंडर की जांच की मांग किए जाने के बाद मामले में नया मोड़ आ गया है। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि शिकायत और मांगी गई तथ्यात्मक जानकारी के बाद केंद्र तथा राज्य स्तर पर क्या कार्रवाई होती है।



