श्मशान घाट में कथित तंत्र-मंत्र का खेल! चीफ जस्टिस की तस्वीर, पूजा सामग्री और 4 युवकों ने बढ़ाया सस्पेंस
चार युवक श्मशान घाट पहुंचे थे, ग्रामीणों को देख तीन फरार; मरी मछली, नींबू, नारियल और सिंदूर समेत कथित पूजा सामग्री मिलने का दावा
बिलासपुर/सीपत(छत्तीसगढ़ उजाला)-छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के सीपत क्षेत्र अंतर्गत ग्राम देवरी के मुक्तिधाम में देर रात संदिग्ध गतिविधियों का मामला सामने आने से इलाके में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने श्मशान घाट में चार युवकों को संदिग्ध परिस्थितियों में देखा। ग्रामीणों के मौके पर पहुंचने के बाद चारों युवक वहां से भागने लगे, लेकिन ग्रामीणों ने पीछा कर एक युवक को पकड़ लिया। वहीं उसके तीन साथी मौके से फरार हो गए।
मामले की सूचना पुलिस को दी गई। मौके से कथित तौर पर पूजा-पाठ में इस्तेमाल होने वाली सामग्री मिलने की बात सामने आई है। इनमें मरी हुई मछली, नींबू, नारियल, सिंदूर सहित अन्य सामान शामिल बताए जा रहे हैं। सबसे ज्यादा चर्चा उस समय शुरू हुई, जब मौके से हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा की एक तस्वीर और दो अन्य युवकों की तस्वीरें मिलने की बात सामने आई।
तस्वीरें मिलने के बाद ग्रामीणों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि, तस्वीरों का वहां किस उद्देश्य से इस्तेमाल किया जा रहा था और वास्तव में वहां किसी तरह की तांत्रिक गतिविधि हो रही थी या नहीं, इसकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
ग्रामीणों ने दूर से रखी नजर, फिर मौके पर पहुंचे
जानकारी के मुताबिक, देवरी गांव के मुक्तिधाम में देर रात ग्रामीणों को कुछ युवकों की संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दीं। ग्रामीणों ने कुछ समय तक दूर से पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी। जब उन्हें गतिविधियां असामान्य लगीं तो ग्रामीणों का एक समूह मौके पर पहुंच गया।
ग्रामीणों को अपनी ओर आता देखकर वहां मौजूद चार युवक भागने लगे। ग्रामीणों ने पीछा कर एक युवक को पकड़ लिया, जबकि तीन युवक अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने पकड़े गए युवक से पूछताछ शुरू की।
मौके पर मिली कथित पूजा सामग्री, तस्वीरों ने बढ़ाया संदेह
ग्रामीणों के अनुसार, मुक्तिधाम में पूजा-पाठ से जुड़ी कई वस्तुएं बिखरी हुई थीं। इनमें मरी हुई मछली, नींबू, नारियल और सिंदूर समेत अन्य सामग्री शामिल थी। इसके अलावा वहां कुछ तस्वीरें भी मिलीं।
बताया जा रहा है कि इनमें एक तस्वीर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा की थी, जबकि दो तस्वीरें अन्य युवकों की थीं। इन तस्वीरों के सामने आने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश और आशंका बढ़ गई। हालांकि, तस्वीरों को वहां रखने का वास्तविक उद्देश्य क्या था, यह जांच का विषय है।
वायरल वीडियो में पुलिस की पूछताछ का दावा
इस पूरे घटनाक्रम से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में पुलिस द्वारा पकड़े गए युवक से पूछताछ किए जाने की बात सामने आ रही है। वीडियो में पुलिसकर्मी युवक से कथित तौर पर पूछते नजर आते हैं कि क्या वह जज को नुकसान पहुंचाना चाहता था।
वीडियो में युवक खुद को पढ़ा-लिखा बताते हुए इस तरह का काम करने से इनकार करता दिखाई दे रहा है। हालांकि, वायरल वीडियो और उसमें हुई बातचीत की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए वीडियो में सामने आए दावों को पुलिस की आधिकारिक पुष्टि के बिना अंतिम तथ्य नहीं माना जा सकता।
पकड़े गए युवक की पहचान ऋषिकेश कुमार के रूप में
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में पकड़े गए युवक की पहचान ऋषिकेश कुमार के रूप में बताई जा रही है। वह बिलासपुर के राजकिशोर नगर का निवासी बताया गया है।
शुरुआती पूछताछ में युवक ने मुक्तिधाम में तंत्र-मंत्र करने से इनकार किया। उसने पुलिस को बताया कि वह गांव में घूमने आया था और खुद को बिल्डर बताया। पुलिस अब उसके बयान, मौके से मिले सामान और फरार हुए अन्य युवकों की भूमिका को लेकर जानकारी जुटा रही है।
सोशल मीडिया के जरिए कथित तांत्रिक के संपर्क में आने की बात
पूछताछ के दौरान पुलिस को कथित तौर पर यह जानकारी मिली कि ऋषिकेश सोशल मीडिया के माध्यम से एक व्यक्ति के संपर्क में आया था, जिसे तांत्रिक बताया जा रहा है। आरोप है कि उक्त व्यक्ति ने युवक के रिश्तेदारों से दावा किया था कि श्मशान घाट में कथित तांत्रिक क्रिया करने से जेल में बंद रिश्तेदार को जमानत मिल सकती है।
इसी दावे के बाद चार लोगों के देवरी के मुक्तिधाम पहुंचने की बात सामने आई है। पुलिस इस एंगल से भी पूरे मामले की जांच कर रही है कि युवक किसके संपर्क में था और उसे मुक्तिधाम में किस उद्देश्य से बुलाया गया था।
जेल में बंद रिश्तेदार की जमानत से जुड़ा एंगल भी सामने आया
पुलिस के अनुसार, ऋषिकेश का एक रिश्तेदार प्रियांशु चाकूबाजी के मामले में जेल में बंद है। उसकी जमानत के लिए हाईकोर्ट में याचिका लंबित होने की जानकारी सामने आई है।
इसी मामले को लेकर कथित तौर पर चीफ जस्टिस की तस्वीर रखकर तांत्रिक क्रिया किए जाने की चर्चा सामने आई है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि तस्वीरें वहां किसने रखीं, कथित पूजा सामग्री किस उद्देश्य से लाई गई थी और फरार हुए तीन युवकों की भूमिका क्या है।
पहले भी सामने आ चुकी हैं संदिग्ध गतिविधियां
घटना के बाद ग्रामीणों ने यह भी दावा किया है कि देवरी के इसी मुक्तिधाम में पहले भी इस तरह की संदिग्ध गतिविधियां सामने आ चुकी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय श्मशान घाट में बाहरी लोगों की आवाजाही को लेकर पहले भी संदेह की स्थिति बनी है।
ग्रामीणों ने पुलिस से मांग की है कि मुक्तिधाम और उसके आसपास के क्षेत्र में रात के समय निगरानी बढ़ाई जाए, ताकि इस तरह की संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।
पुलिस जांच के बाद ही साफ होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल पुलिस ने एक युवक को पकड़कर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि तीन अन्य युवकों की तलाश की जा रही है। मौके से मिले सामान, तस्वीरों, वायरल वीडियो और पकड़े गए युवक के बयानों को जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है।
मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि देवरी के मुक्तिधाम में चार युवक देर रात आखिर किस उद्देश्य से पहुंचे थे और वहां चीफ जस्टिस की तस्वीर समेत अन्य तस्वीरें क्यों रखी गई थीं? इन सवालों के जवाब पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही सामने आ पाएंगे।
फिलहाल तंत्र-मंत्र, तस्वीरों के इस्तेमाल और जमानत से जुड़े दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।



