ब्रेकिंग न्यूज

छत्तीसगढ़ के शासकीय कर्मचारियों के लिए कैशलेस इलाज योजना तैयार, ई-कार्ड से बिना रेफर मिलेगा उपचार

राजेश चटर्जी बोले— राज्य के पेंशनरों को भी CGHS पैकेज दर पर योजना में शामिल करने का दिया प्रस्ताव, आलोक शुक्ला ने बताया कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत

रायपुर(छत्तीसगढ़ उजाला)-छत्तीसगढ़ के करीब पांच लाख शासकीय कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारों को जल्द ही कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलने जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित कैशलेस चिकित्सा योजना का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है, जिसे अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही है। इस योजना के लागू होने के बाद कर्मचारियों को इलाज के लिए पहले अपनी जेब से खर्च नहीं करना पड़ेगा, बल्कि ई-कार्ड के माध्यम से सीधे अस्पताल में कैशलेस उपचार उपलब्ध होगा।

छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी ने बताया कि मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव अमित कटारिया की अध्यक्षता में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में फेडरेशन को आमंत्रित किया गया था। बैठक में कैशलेस चिकित्सा योजना के मसौदे पर विस्तार से चर्चा हुई।

उन्होंने बताया कि फेडरेशन ने राज्य के पेंशनरों एवं अन्य पात्र हितग्राहियों को भी केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना (CGHS) की पैकेज दरों के अनुरूप कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का प्रस्ताव राज्य सरकार को दिया है। इसके लिए केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के 3 अक्टूबर 2025 के कार्यालय ज्ञापन का हवाला भी प्रस्तुत किया गया।

ई-कार्ड से मिलेगा कैशलेस इलाज

छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन के प्रांतीय संगठन सचिव आलोक शुक्ला ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक कर्मचारी को ई-कार्ड जारी किया जाएगा। अस्पताल में ई-कार्ड का ऑनलाइन सत्यापन होते ही बिना अग्रिम राशि जमा किए उपचार शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत साबित होगी।

अब नहीं होगी रेफर की बाध्यता

आलोक शुक्ला ने बताया कि नई योजना में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि ‘नो रेफर, डायरेक्ट ट्रीटमेंट’ की व्यवस्था लागू की जा रही है। पहले कर्मचारियों को इलाज के लिए रेफरल की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था, जिससे समय और परेशानी दोनों बढ़ती थीं। अब इस प्रावधान को समाप्त कर सीधे उपचार की सुविधा दी जाएगी।

सरकार सीधे अस्पताल को करेगी भुगतान

नई कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत उपचार का पूरा भुगतान राज्य शासन द्वारा Transaction Management System (TMS) के माध्यम से सीधे अस्पताल को किया जाएगा। भुगतान CGHS की निर्धारित पैकेज दरों के अनुसार होगा। इससे कर्मचारियों को मेडिकल बिल जमा करने, प्रतिपूर्ति का इंतजार करने और कार्यालयों के चक्कर लगाने जैसी जटिल प्रक्रियाओं से मुक्ति मिलेगी।

AI करेगा मेडिकल बिलों की निगरानी

फेडरेशन के अनुसार योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ट्रिगर विश्लेषण तथा National Anti Fraud Unit (NAFU) के माध्यम से मेडिकल दावों की जांच की जाएगी। इससे फर्जी मेडिकल बिलों और अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लग सकेगी।

बजट में 100 करोड़ का प्रावधान

राजेश चटर्जी ने बताया कि राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में कैशलेस चिकित्सा योजना के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। योजना लागू होने के बाद कर्मचारियों और उनके आश्रितों को सामान्य से लेकर गंभीर बीमारियों तक के इलाज में आर्थिक संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा।

मुख्यमंत्री और सरकार का जताया आभार

छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन ने इस योजना को कर्मचारियों के लंबे समय से चले आ रहे सपने को साकार करने वाला कदम बताते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, मुख्य सचिव विकासशील, स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया तथा योजना तैयार करने में जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। फेडरेशन ने उम्मीद जताई कि योजना शीघ्र लागू होने के बाद राज्य के लाखों कर्मचारी और उनके परिवार बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।

प्रशांत गौतम

Related Articles

Back to top button