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क्षमा सिंह के प्रयास रंग लाए: दिव्यांग युवती मंजू साहू को मिली व्हीलचेयर, वर्षों पुराना सपना हुआ पूरा

समाजसेवी अनिल टाह के सहयोग से मिला सहारा, सिलाई कार्य के जरिए आत्मनिर्भर बनने की राह हुई आसान

बिलासपुर(छत्तीसगढ़ उजाला)-समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय आरोहण समाज सेवी संस्था की अध्यक्ष क्षमा सिंह के सतत प्रयासों ने एक दिव्यांग युवती के जीवन में नई उम्मीद जगा दी। मंगला चौक, बिलासपुर निवासी 22 वर्षीय मंजू साहू का वर्षों पुराना सपना उस समय साकार हुआ, जब समाजसेवी अनिल टाह ने उन्हें व्हीलचेयर भेंट की। इस सहायता से मंजू के दैनिक जीवन में सुविधा बढ़ी है और आत्मनिर्भर बनने की उनकी राह पहले से अधिक आसान हो गई है।

व्हीलचेयर मिलने के बाद भावुक हुई मंजू साहू ने कहा कि यह उनके जीवन का बेहद खास दिन है। उन्होंने बताया कि वर्षों से व्हीलचेयर की जरूरत महसूस हो रही थी, लेकिन संसाधनों के अभाव में यह सपना अधूरा था। उन्होंने क्षमा सिंह और समाजसेवी अनिल टाह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग ने उनके जीवन में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया है।

मंजू साहू घर पर रहकर सिलाई का कार्य करती हैं। इस कार्य में भी उन्हें क्षमा सिंह का निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग मिलता है। क्षमा सिंह न केवल उन्हें रोजगार से जोड़ने के लिए प्रेरित करती हैं, बल्कि उनके द्वारा तैयार किए गए उत्पादों के विपणन में भी सहयोग कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास कर रही हैं।

क्षमा सिंह लंबे समय से समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे आरोहण समाज सेवी संस्था की अध्यक्ष होने के साथ-साथ दिव्यांग बच्चों के लिए संचालित थेरेपी सेंटर से भी जुड़ी हुई हैं। दिव्यांग बच्चों, महिलाओं और जरूरतमंद परिवारों के पुनर्वास, उपचार, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सम्मान के लिए उनका योगदान लगातार सराहनीय रहा है। उनका मानना है कि यदि समाज का प्रत्येक सक्षम व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग करे, तो अनेक दिव्यांगजन सम्मान और स्वाभिमान के साथ आत्मनिर्भर जीवन जी सकते हैं।

इस अवसर पर क्षमा सिंह ने समाज से अपील करते हुए कहा कि दिव्यांगजनों की आवश्यकताओं को समझना और उनकी सहायता के लिए आगे आना हम सभी की सामाजिक जिम्मेदारी है। छोटे-छोटे प्रयास भी किसी के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।

समाजसेवी अनिल टाह का सहयोग और क्षमा सिंह की संवेदनशील पहल इस बात का प्रेरक उदाहरण है कि सेवा, सहयोग और मानवीय संवेदनाएं किसी के जीवन में नई उम्मीद, आत्मविश्वास और खुशियों का संचार कर सकती हैं।

प्रशांत गौतम

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