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4.50 करोड़ की जमीन-खदान डील में धोखाधड़ी का आरोप, भिलाई की पार्षद रीता सिंह, पति और बेटे पर FIR दर्ज

जमीन, खदान और मशीनरी के सौदे में धोखाधड़ी का आरोप, 4.39 करोड़ लेने के बाद भी दस्तावेज नहीं देने का दावा; कोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने शुरू की जांच

भिलाई(छत्तीसगढ़ उजाला)-भिलाई नगर निगम की पार्षद रीता सिंह, उनके पति रमेशचंद सिंह राजपूत और बेटे मानवचंद सिंह के खिलाफ करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। जमीन, खदान और भारी मशीनरी से जुड़े लगभग 4.50 करोड़ रुपये के सौदे में महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाने और खरीदार को गुमराह करने के आरोप में उतई थाना पुलिस ने न्यायालय के आदेश के बाद एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मामला दुर्ग जिले के उतई थाना क्षेत्र का है। शिकायतकर्ता बीबी सिंह की ओर से दायर परिवाद पर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC), पाटन ने पुलिस को अपराध दर्ज करने के निर्देश दिए थे। अदालत के आदेश के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

जनवरी 2024 में हुई थी 4.50 करोड़ की डील

शिकायत के अनुसार जनवरी 2024 में रीता सिंह और उनके परिवार की स्वामित्व वाली जमीन, खदान, टाटा हिटाची मशीन और भारत बेंज टिपर वाहनों की खरीद-बिक्री के लिए इकरारनामा किया गया था। इस पूरे सौदे की कीमत करीब 4.50 करोड़ रुपये तय हुई थी।

परिवादी का दावा है कि उन्होंने इस सौदे के तहत लगभग 4.39 करोड़ रुपये का भुगतान भी कर दिया था। इसके बावजूद उन्हें संपत्तियों का वैध हस्तांतरण और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए।

संपत्तियों की अहम जानकारी छिपाने का आरोप

शिकायतकर्ता का आरोप है कि सौदे के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्यों को जानबूझकर छिपाया गया। जिन जमीनों को बिक्री योग्य बताया गया था, उनमें से कुछ पहले से ही अन्य लोगों के नाम दर्ज थीं।

इसके अलावा कुछ भूमि ऐसी श्रेणी में थी, जिसकी बिक्री पर कानूनी रोक थी। शिकायत में यह भी कहा गया है कि कुछ संपत्तियां बैंक में बंधक थीं, लेकिन इसकी जानकारी भी खरीदार को नहीं दी गई।

खनन पट्टा और बैंक एनओसी नहीं मिलने से बढ़ा विवाद

परिवादी के मुताबिक सौदे के समय आरोपियों ने खनन पट्टा, बैंक की एनओसी और अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने का भरोसा दिया था। लेकिन लंबे समय तक दस्तावेज नहीं दिए गए, जिससे विवाद गहराता गया।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि करोड़ों रुपये लेने के बावजूद न तो आवश्यक दस्तावेज दिए गए और न ही सौदे की शर्तों का पालन किया गया।

पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो कोर्ट पहुंचे परिवादी

बीबी सिंह ने बताया कि उन्होंने फरवरी 2026 में उतई थाना और दुर्ग पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।

JMFC पाटन ने शिकायत और प्रस्तुत दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद पुलिस को एफआईआर दर्ज कर विधिसम्मत जांच करने का आदेश दिया।

अदालत के आदेश के बाद उतई थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सौदे से जुड़े सभी दस्तावेजों, भुगतान के रिकॉर्ड, जमीन, खदान और मशीनरी से संबंधित तथ्यों की बारीकी से जांच की जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल यह मामला शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्णय पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

प्रशांत गौतम

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