CGPSC में मेंबर के पद खाली, लाखों युवाओं का भविष्य अधर में! आखिर सरकार कब भरेगी रिक्तियां?
रायपुर(छत्तीसगढ़ उजाला)-छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) एक ऐसा संवैधानिक संस्थान है, जिस पर प्रदेश के लाखों युवाओं के सपनों की नींव टिकी होती है। राज्य प्रशासनिक सेवा (PCS) से लेकर विभिन्न शासकीय विभागों में अधिकारियों और कर्मचारियों की भर्ती की जिम्मेदारी इसी आयोग पर है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इतने महत्वपूर्ण संस्थान में आज भी सदस्य (मेंबर) जैसे अहम पद लंबे समय से रिक्त पड़े हुए हैं। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर सरकार इन पदों को भरने को लेकर कब गंभीर होगी?
आयोग में रिक्त पद केवल प्रशासनिक कमी नहीं हैं, बल्कि इनका सीधा असर भर्ती प्रक्रिया, परीक्षा संचालन, निर्णय लेने की गति और पारदर्शिता पर पड़ सकता है। प्रदेश के लाखों प्रतियोगी छात्र-छात्राएं वर्षों तक तैयारी करते हैं और समय पर भर्ती परीक्षाओं व निष्पक्ष चयन प्रक्रिया की उम्मीद रखते हैं। लेकिन आयोग की अधूरी संरचना युवाओं के बीच अनिश्चितता और अविश्वास की स्थिति पैदा कर रही है।
पहले घोटाले, अब खाली पद… सवालों के घेरे में आयोग
CGPSC पहले भी भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और चर्चित भर्ती घोटाले को लेकर विवादों में रह चुका है। मामले की जांच हुई, कई लोगों पर कानूनी कार्रवाई हुई और आयोग की साख पर गंभीर सवाल खड़े हुए। ऐसे हालात के बाद उम्मीद थी कि नई सरकार आयोग को मजबूत, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए तेजी से कदम उठाएगी। लेकिन लंबे समय से सदस्य पदों का खाली रहना यह संकेत देता है कि इस दिशा में अपेक्षित गति अब तक दिखाई नहीं दी है।
युवाओं के भविष्य से जुड़ा है मामला
प्रदेश में हर साल हजारों पदों पर भर्ती की प्रक्रिया CGPSC के माध्यम से संचालित होती है। यदि आयोग पूरी क्षमता से कार्य नहीं करेगा तो भर्ती प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका बनी रहेगी। इसका सीधा असर उन लाखों युवाओं पर पड़ेगा, जो सरकारी नौकरी का सपना लेकर दिन-रात मेहनत कर रहे हैं।
रोजगार के दावों पर भी उठ रहे सवाल
राज्य सरकार लगातार रोजगार सृजन और सुशासन को अपनी प्राथमिकता बताती रही है। लेकिन यदि युवाओं को रोजगार दिलाने वाली सबसे अहम संस्था ही अधूरी व्यवस्था के साथ काम कर रही हो, तो इन दावों पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। विशेषज्ञों का मानना है कि आयोग में योग्य, निष्पक्ष और अनुभवी सदस्यों की समय पर नियुक्ति से भर्ती प्रक्रिया अधिक प्रभावी और पारदर्शी बन सकती है।
सरकार से युवाओं की बड़ी अपेक्षा
प्रदेश के प्रतियोगी छात्र अब सरकार से यह उम्मीद लगाए बैठे हैं कि CGPSC के रिक्त सदस्य पदों पर जल्द नियुक्तियां की जाएं, ताकि आयोग पूरी क्षमता के साथ काम कर सके और भर्ती प्रक्रियाएं समयबद्ध तरीके से पूरी हों। यह केवल प्रशासनिक नियुक्ति का मामला नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के विश्वास और उनके भविष्य से जुड़ा विषय है।
अब निगाहें राज्य सरकार पर हैं। देखना होगा कि सरकार कब इन रिक्त पदों को भरकर यह संदेश देती है कि युवाओं के भविष्य और प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण भर्ती संस्था को लेकर वह वास्तव में कितनी गंभीर है।




